भारत-बांग्लादेश सीमा पर आज त्रिपुरा में सिपाहीजला जिले में BSF के जवानों पर जानलेवा हमला हुआ है, जिसमें 3 जवान बुरी तरह घायल हो गए हैं. मामला एक शख्स को हिरासत में लिए जाने का है, जिससे नाराज गांव वालों ने BSF जवानों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया. हमले में जहां जवानों के सिर फूट गए, वहीं उनकी गाड़ियों के शीशे भी टूट गए. पुलिस ने मामले में 8 हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने हमले की निंदा करते हुए जांच के आदेश दिए हैं. हिरासत में लिए गए शख्स पर तस्करी करने का आरोप है.
पुलिस ने 8 हमलावरों को गिरफ्तार किया
पुलिस के अनुसार, बॉक्सानगर में आशाबाड़ी बॉर्डर आउटपोस्ट के पास जवानों पर हुए हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. भीड़ ने BSF जवानों की गाड़ी तोड़ी. उनके हथियार छीनने का प्रयास भी किया. हमले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जवानों के बताने पर 8 लोगों को पकड़कर पूछताछ के लिए कलामचौरा थाने ले गई. हमले में असिस्टेंट कमांडेंट रोहित कुमार और 3 अन्य लोग घायल हुए. घायलों को प्राथमिक इलाज के लिए बोक्सानगर प्राइमरी हेल्थ सेंटर (PHC) ले जाया गया, जहां से उन्हें उनके कैंप भेज दिया गया.
तस्करी मामले में युवक का पकड़ने गए थे
मिली जानकारी के अनुसार, आशाबारी बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) की 49वीं बटालियन के जवान तैनात हैं. जवान सोमवार सुबह तस्करी से जुड़े मामले में कार्रवाई करने गांव में गए थे और इस दौरान उनकी ग्रामीणों से बहस हो गई. इस बीच एक जवान ने हेफजुर रहमान नामक शख्स पर लाठी पर हमला किया दिया. युवक पर जवान के हमले से ग्रामीण भड़क गए और आक्रोशित लोगों ने बोक्सानगर-रहीमपुर रोड पर ट्रैफिक को जाम कर दिया, जिससे इलाके में आवाजाही ठप हो गई और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं.
हाईवे खुलवाया तो ग्रामीणों ने हमला किया
पुलिस के अनुसार, ग्रामीणों के हंगामे की खबर मिलते ही रहीमपुर BOP के असिस्टेंट कमांडेंट रोहित कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो आक्रोशित ग्रामीणों ने उन पर हमला कर दिया और गाड़ी में तोड़फोड़ की. हमले का पता चलते ही BSF के और जवान मौके पर पहुंचे, जिनकी ग्रामीणों के साथ झड़प हो गई. BSF जवानों पर अप्रैल 2024 में दुर्गापुर गांव में तस्करी रोकने के दौरान भीड़ ने हमला किया था, जिसमें 3 जवान घायल हुए थे. नवंबर 2025 में बिशालगढ़ में पशु तस्करों को रोकने गए BSF जवानों की गाड़ी में ग्रामीणों ने तोड़फोड़ की थी, जिसमें 5 जवान घायल हुए थे.