भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने एक और बड़ा फैसला किया है, जिससे देश के लाखों लोगों को बहुत बड़ा फायदा होगा. चुनाव आयोग दिल्ली समेत 7 राज्यों के उन लोगों को एक मौका देगा, जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं. इन 7 राज्यों में दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नागालैंड शामिल हैं. इन राज्यों में मतदाता सूची से हटाए गए लोग फिर से अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वा सकेंगे. इसके लिए उन्हें न फॉर्म-6 और न फॉर्म-8 भरना होगा, बल्कि सीधे नया ‘SIR फॉर्म’ भरकर आसानी से अपना नाम वोटर लिस्ट में फिर से दर्ज करा सकेंगे तो लोग इस मौके का फायदा उठाएं.
SIR के दौरान हट गए लाखों लोगों के नाम
बता दें कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) करके वोटर लिस्टें अपडेट की जा रही हैं, लेकिन इनके ड्राफ्ट रोल से एबसेंट, शिफ्टेड, मृत या डुप्लिकेट वोटर्स के नाम हटा दिए गए, क्योंकि इनके SIR फॉर्म समय पर नहीं मिले थे. ऐसे में हटाए गए मतदाताओं को वोटर लिस्ट में दोबारा नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरना पड़ रहा था, जिसमें एक कॉलम के तहत 3 विकल्प देकर जानकारी मांगी गई थी. इस प्रक्रिया पर विवाद हुआ और पूरे देश में विपक्ष चुनाव आयोग के खिलाफ हो गया. विवाद छिड़ने के बाद चुनाव आयोग ने पहले फॉर्म-6 से विवादित कॉलम हटाया और अब पुराने वोटरों को फिर से नाम जुड़वाने का मौका दिया है.
SIR फॉर्म भरवाकर अड़चन को दूर किया
दरअसल, जब वोटरों को फॉर्म-6 भरकर पहली बार वोटर के रूप में रजिस्ट्रेशन करना पड़ रहा था तो ओरिजिनल और पुराने वोटर मांगी गई जानकारी देने में संकोच कर रहे थे. वहीं एड्रेस प्रूफ देने के लिए लोगों को फॉर्म-8 भरना पड़ रहा था, जो काफी मुश्किल है. इसलिए चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने संबंधी अड़चन का दूर किया और वोटर को निर्देश दिया कि वे न तो फॉर्म-6 और न ही फॉर्म-8 भरें, बल्कि नया ‘SIR फॉर्म’ भरकर सबमिट करा दें. ड्राफ्ट रोल पब्लिश करने के बाद जो विंडो बंद हो गई थी, उसे अब ‘दावे और आपत्तियां’ दर्ज करने की समयसीमा समाप्त होने तक फिर से खोल दिया गया है.
भरकर कहां जमा करना होगा SIR फॉर्म?
चुनाव आयोग ने देश के सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया है. सरकारी आदेश में बताया गया है कि जो लोग वोटर लिस्ट में अपना नाम दोबारा जुड़वाना चाहते हैं, वे फॉर्म ऑनलाइन भर सकते हैं या ऑफलाइन भरकर उसे निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी या बूथ लेवल ऑफिसर के पास जमा कर सकते हैं. उन्हें एक डिक्लेयरेशन फॉर्म भी देना होगा, जिसमें पहले फॉर्म जमा न कर पाने की वजह बतानी होगी और यह पुष्टि करनी होगी कि उन्होंने फॉर्म-6 के जरिए कोई नया आवेदन नहीं किया है. SIR फॉर्म और डिक्लेयरेशन फॉर्म के आधार पर वोटर लिस्ट में नाम को एड कर दिया जाएगा.