शुभांशु शुक्ला की लैंडिंग LIVE कहां देख सकेंगे, धरती पर उतरने के बाद किस प्रक्रिया से गुजरेंगे एस्ट्रोनॉट?

Shubhanshu Shukla Landing Update: इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से धरती पर शुभांशु शुक्ला की लैंडिंग को लेकर ताजा अपडेट आया है। शुभांशु शुक्ला के स्पेसक्राफ्ट का स्पलैशडाउन लोग लाइव देख सकेंगे और धरती पर लैंड करने के बाद चारों अंतरिक्ष यात्री रिहैब और मेडिकल प्रोसेस से गुजरेंगे, ताकि धरती की ग्रैविटी में खुद को ढाल सकें।

Indian Astronaut | Shubhanshu Shukla | International Space Station

शुभांशु शुक्ला का एक्सिओम-4 मिशन 25 जून 2025 को लॉन्च हुआ था।

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Shubhanshu Shukla Splashdown Update: भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का एक्सिओम-4 मिशन 20 दिन बाद अंतरिक्ष से धरती पर लौटेगा। मिशन आज शाम करीब साढ़े 4 बजे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से अनडॉक होगा। कल 15 जुलाई की दोपहर 3 बजे शुभांशु का ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट कैलिफोर्निया के समुद्र में स्पलैशडाउन करेगा। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह अपडेट दिया है और इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के अनुसार, अनडॉक करते समय ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट की स्पीड 28000 किलोमीटर प्रति घंटा होगी और धरती की तरफ आते-आते यह स्पीड 24 किलोमीटर प्रति घंटा रह जाएगी।

 

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कहां होगा लैंडिंग का लाइव प्रसारण?

शुभांशु शुक्ला की एक्सिओम-4 मिशन की लैंडिंग का लाइव प्रसारण 15 जुलाई 2025 को भारतीय समयानुसार दोपहर 3 बजे किया जाएगा। नासा के आधिकारिक चैनल, नासा के एक्स हैंडल (@NASA) और नासा की वेबसाइट (nasa.gov) पर लैंडिंग की लाइव स्ट्रीमिंग होगी। लाइव प्रसारण 14 जुलाई को दोपहर 2 बजे शुरू होगा। पहले अनडॉकिंग की कवरेज लाइव होगी और अगले दिन लैंडिंग की कवरेज लाइव होगी। एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के आधिकारिक यूट्यूब चैनल या एक्स हैंडल (@SpaceX) पर भी लैंडिंग का लाइव प्रसारण देखा जा सकता है।

इसरो भी कर सकता है लाइव स्ट्रीमिंग

एक्सिओम स्पेस कंपनी के आधिकारिक चैनल्स (@Axiom_Space) पर भी लाइव स्ट्रीमिंग होगी। भारतीय न्यूज चैनल्स भी लैंडिंग को लाइव कवर करेंगे। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की वेबसाइट (isro.gov.in) पर भी लाइव स्ट्रीमिंग की जा सकती है। स्पेसक्राफ्ट करीब 263 किलो (580 पाउंड) साइंटिफिक प्रोडक्ट्स लेकर धरती पर आ रहा है। इन प्रोडक्ट्स में नासा के हार्डवेयर शामिल हैं। 60 से ज्यादा वैज्ञानिकों द्वारा ISS में रहकर की गई रिसर्च का डेटा भी होगा। एक्सिओम-4 मिशन के चारों अंतरिक्ष यात्रियों ने 14 दिन मे 7 रिसर्च की।

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25 जून को लॉन्च हुआ था मिशन

मिशन को भेजने का मकसद अंतरिक्ष में फसल उगाना, टार्डिग्रेड्स (वाटर बेयर) पर शोध, माइक्रोएल्गी की वृद्धि और मांसपेशियों पर माइक्रोग्रैविटी के प्रभाव का अध्ययन था। एक्सिओम-4 मिशन 25 जून 2025 को लॉन्च हुआ था। फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट और ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में मिशन इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए रवाना किया गया था। शुभांशु शुक्ला मिशन के पायलट हैं और कमांडर पैगी व्हिटसन (अमेरिका) हैं। 2 अन्य अंतरिक्ष यात्री टिबोर कपु (हंगरी) और स्लावोश उजनांस्की-विस्निएव्स्की (पोलैंड) हैं।

लौटने के बाद इस प्रक्रिया से गुजरेंगे एस्ट्रोनॉट

अतंरिक्ष से धरती पर लैंड होने के बाद एस्ट्रोनॉट रिहैबिलिटेशन और रिकवरी प्रक्रिया से गुजरेंगे। अंतरिक्ष से लौटने के बाद अंतरिक्ष यात्रियों के शरीर को धरती की ग्रैविटी और वातावरण के अनुकूल बनाने के लिए यह प्रोसेस किया जाता है, क्योंकि अंतरिक्ष में माइक्रोग्रैविटी के कारण शारीरिक और मानसिक परिवर्तन होते हैं। लैंडिंग करते ही अंतरिक्ष यात्रियों का मेडिकल चेकअप किया जाएगा। हर्ट बीट, ब्लड प्रेशर, पल्स रेट चेक की जाएगी, क्योंकि माइक्रोग्रैविटी में 14 दिन बिताने के बाद मांसपेशियों की कमजोरी आ जाती है और हड्डियों का घनत्व भी कम हो जाता है। चारों अंतरिक्ष यात्रियों को नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर या नजदीकी हेल्थ सेंटर में ले जाया जाएगा।

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