Sex and pregnancy in Space: अंतरिक्ष में विज्ञान हर दिन नई-नई खोजें करने में जुटा है। स्पेस के रहस्यों से लगातार पर्दा उठ रहा है। आए दिन इसके बारे में एक से बढ़कर एक खोज की खबरें आती रहती हैं। चांद पर पहुंचकर मानव ने यह साबित कर दिया कि उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं है। चांद पर कदम रखना इंसान की बहुत बड़ी जीत थी। यह विज्ञान की अद्भुत उपलब्धि है। मंगल समेत दूसरे ग्रहों को बारे में भी नित नई खोजें हो रही हैं। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर भी कई वैज्ञानिक रहते हैं। वे वहां कई तरह के प्रयोग कर रहे हैं और नई-नई खोजों में लगे हुए हैं। आईएसएस पर साइंटिस्ट सब्जियां उगाते हैं और नए-नए प्रयोग करते हैं। मंगल ग्रह पर भी जीत हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
यहां तक कि चांद पर मानव को बसाने की भी चर्चाएं हैं। हालांकि यह अभी दूर की बात है कि मनुष्य कभी चांद पर रह भी सकेगा, लेकिन यह असंभव नहीं है। सभी को पता है कि अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण बल यानी ग्रैविटी कम होती है। इस वजह से वहां पहुंचने वाले इंसानों का वजन भी कम हो जाता है। अब सवाल है कि क्या इंसान अंतरिक्ष में यौन संबंध बना सकता है या सेक्स कर सकता है। क्या मनुष्य वहां गर्भवती होकर बच्चे को जन्म दे सकता है। यह कितना आसान या कठिन है और इसमें क्या दिक्कतें हैं?
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WION की एक रिपोर्ट के मुताबिक न्यूज़वीक ने इस मामले पर कुछ विशेषज्ञों से बात की और उनका कहना है कि अंतरिक्ष में सेक्स और गर्भधारण संभव नहीं हो सकता है। इसकी वजह है कि वहां ग्रैविटि यानी गुरुत्वाकर्षण बहुत कम है। इस वजह से वहां इंसानों का रहना मुश्किल हो जाता है। हालांकि वहां गर्भधारण नहीं हो पाने की बात को पक्के तौर पर कहने के लिए कोई वैज्ञानिक प्रमाण या प्रयोग उपलब्ध नहीं है।
नॉटिंघम विश्वविद्यालय में प्रजनन और विकासात्मक शरीर विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर एडम वॉटकिंस ने न्यूजवीक को बताया कि किसी ने भी अंतरिक्ष में सेक्स नहीं किया है या कम से कम अंतरिक्ष में सेक्स करने की बात स्वीकार नहीं की है। ऐसे में अंतरिक्ष में सेक्स करने के बारे में जानना आसान नहीं है। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन काफी तंग जगह है, इसलिए वहां सेक्स करने के लिए एक शांत कोने को ढूंढना इतना आसान नहीं होगा।
वे आगे कहते हैं कि वहां अतरिक्ष यात्री बहुत व्यस्त रहते हैं इस वजह से आईआईएस में सेक्स के लिए समय निकालना भी काफी मुश्किल है। वॉटकिंस का सुझाव है कि केवल उपकरणों का इस्तेमाल करके ही गुरुत्वाकर्षण की कमी को दूर किया जा सकता है, क्योंकि गुरुत्वाकर्षण गर्भ के विकास को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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