21 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू होने वाला है। इस सत्र को लेकर विपक्ष भी तैयार है और सरकार ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक के खत्म होने के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को कहा कि सरकार संसद के मानसून सत्र के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सहित प्रमुख मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। इसके साथ ही उन्होंने सदन के सुचारू रूप से संचालन के लिए सरकार और विपक्ष के बीच बेहतर समन्वय का भी आह्वान किया।
‘संसद सुचारू रूप से चले, सभी की जिम्मेदारी’
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार ने विपक्ष की बातों पर ध्यान दिया है। हमने अनुरोध किया है कि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चले। इसके लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष को अच्छे समन्वय के साथ मिलकर काम करना चाहिए। हम अलग-अलग विचारधाराओं वाले राजनीतिक दल हो सकते हैं, लेकिन यह सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है कि संसद सुचारू रूप से चले, विपक्ष की भी और सरकार की भी।
उन्होंने यह भी कहा कि छोटे राजनीतिक दलों, खासकर जिनके पास 1-2 सांसद हैं, उनके सदस्यों को बोलने के लिए कम समय मिलता है क्योंकि समय उनकी संख्या के अनुसार दिया जाता है, लेकिन हमने इस पर संज्ञान लिया है। हम छोटे दलों को पर्याप्त समय देने पर सहमत हुए हैं। हम इसे लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने अपनी राय रखी। एनडीए, यूपीए (भारतीय गठबंधन) और इनके बीच के दलों ने अपनी राय रखी है। हम इन सभी मुद्दों को संसद में ले जाएंगे। संसद में क्या चर्चा होनी है और क्या नहीं, यह बीएसी (कार्य मंत्रणा समिति) में तय किया जाएगा।
‘हर मुद्दे पर चर्चा, नियमों और परंपराओं के अनुसार’
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “कई मुद्दे ऐसे हैं जिन पर पार्टियों ने कहा है कि इन पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। हम खुले दिल से चर्चा के लिए तैयार हैं। हम नियमों और परंपराओं के अनुसार काम करते हैं और इनका बहुत महत्व रखते हैं। इसलिए, हम हर मुद्दे पर चर्चा करेंगे, लेकिन नियमों और परंपराओं के अनुसार।”
वहीं कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सर्वदलीय बैठक खत्म होने के बाद कहा कि हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में महत्वपूर्ण मुद्दों, विशेष रूप से रक्षा, विदेश नीति और चुनावी ढांचे से संबंधित मुद्दों पर बात करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को 22 अप्रैल के भयावह आतंकवादी हमले में सुरक्षा चूक पर अपनी बात रखनी होगी। हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी सदन के माध्यम से देश को संबोधित करेंगे।
यह भी पढ़ें : मानसून सत्र में सरकार का सिरदर्द बनेगा SIR, विपक्ष ने पूरी कर ली तैयारी
सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के बाद कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’, बिहार का मुद्दा, विदेश नीति का मुद्दा, इस सरकार में अनुसूचित जातियों और महिलाओं पर अत्याचार बढ़े हैं, और हम ये सारे मुद्दे सदन में उठाएंगे। शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि देश युद्ध के कगार से वापस आ गया है और कोई तीसरा देश इसका श्रेय ले रहा है, जाहिर है कि देश जवाब मांग रहा है। हमारी पार्टी ने पंजाब में किसानों की जमीन लूटने के लिए केजरीवाल द्वारा शुरू की गई नई व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई है और हमारा विरोध कल से शुरू होगा। हम इन लुटेरों को एक इंच भी जमीन नहीं देंगे।
माना जा रहा है कि संसद का मानसून सत्र बड़ा सियासी रण साबित होने वाला है। हालांकि 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चलने वाले सत्र में कुल 21 बैठकें होनी तय है। 7 पिछले सत्र के लंबित बिल चर्चा होनी है और 8 नए बिल पर मानसून सत्र में चर्चा कर उसे सरकार उसे पास कराएगी।
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