हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

कौन हैं सनातन पर विवादित बयान देने वाले जितेंद्र आव्हाड? संजय निरुपम बोले- नहीं तो ‘जित्तुद्दीन’ होते

Jitendra Awhad Sanatan Dharam: सनातन धर्म पर विवादित बयान देने वाले जितेंद्र अहवाड शरद पवार गुट के नेता और विधायक हैं। उनके बयान पर शिवसेना शिंदे गुट के नेता संजय निरुपम में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

विज्ञापन
जितेंद्र अहवाड के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने का केस भी दर्ज हुआ था।

Jitendra Awhad Profile: महाराष्ट्र में विधायक जितेंद्र आव्हाड ने सनातन धर्म पर विवादित बयान दिया है, जिस पर वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने प्रतिक्रिया भी व्यक्त की है। जितेंद्र आव्हाड ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सनातन धर्म के बारे में हमेशा से बात करता आया हूं और आज भी कहता हूं कि सनातन धर्म ने भारत को बर्बाद कर दिया है। वहीं संजय निरुपम ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जितेंद्र अब तक जित्तुद्दीन बन गए होते और भारत सऊदी अरब बन गया होता, अगर सनातन धर्म नहीं होता।

क्या कहा संजय निरुपम ने?

शिवसेना शिदे गुट के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने अपने X हैंडल पर ट्वीट करके जितेंद्र आव्हाड के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक जितेंद्र अव्हाड अब तक जित्तुद्दीन बन गए होते, जो सनानत धर्म नहीं होता। उन्होंने सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश की है, इसके लिए उन्होंने कई फर्जी कहानियां सुनाई हैं। सनातन ने तो भारत पर सबसे बड़ा उपकार किया है। सनानत ने ही भारत की सभ्यता, संस्कृति और परंपराओं को बचाया है। अगर सनातन नहीं होता तो भारत अब तक सऊदी अरब बन जाता।

यह भी पढ़ें: ‘मांसाहारी थे श्रीराम’, पहले बिगड़े बोल, बवाल मचा तो NCP विधायक ने मांग ली माफी

विज्ञापन

जितेंद्र आव्हाड ने क्या कहा था?

जितेंद्र ने सनातन धर्म पर भारत को बर्बाद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सनातनियों के कारण ही वर्ण व्यवस्था बनी। इनके कारण ही देश में द्वेष बढ़ा। नीच और उच्च की राजनीति का खेल शुरू हुआ। सनातनियों ने ही शिवाजी का राज्याभिषेक करने से इंकार किया था। छत्रपति शंभाजी राजे को बदनाम किया था। महात्मा फुले को मारने की कोशिश की थी। सावित्री बाई फुले को गोबर मारने वाले भी सनातनी ही थे। डॉ आंबेडकर को कॉलेज में पानी पीने से रोकने वाले भी सनातनी थे, इसलिए सनातनियों का विरोध करना हमारा व्यक्तिगत धर्म बनता है।

यह भी पढ़ें: ‘मैं जितेंद्र आव्हाड को मार डालूंगा..’ भगवान राम पर टिप्पणी के बाद परमहंस आचार्य ने दिया विवादित बयान

विज्ञापन

कौन हैं जितेंद्र आव्हाड?

जितेंद्र सतीश आव्हाड महाराष्ट्र में शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) के वरिष्ठ नेता हैं। वे ठाणे जिले के मुंब्रा-कलवा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक भी हैं। आव्हाड ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत छात्र जीवन में ही कर दी थी। वर्ष 1982 में वे मुंबई यूनिवर्सिटी में ट्यूशन फीस वृद्धि के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करके सुर्खियों में आए थे। जितेंद्र महाराष्ट्र युवा कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे। NCP के गठन के बाद वे राष्ट्रवादी युवा कांग्रेस के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। साल 2009 में पहली बार चुनाव लड़ा और मुंब्रा-कलवा से विधायक चुने गए। साल 2014 में फिर इसी सीट से चुनाव जीते। साल 2023 में अजित पवार ने NCP में बगावत करके शिंदे सरकार का समर्थन किया, तब जितेंद्र आव्हाड को NCP (शरद पवार गुट) ने महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में नियुक्त किया।

यह भी पढ़ें: जितेंद्र आव्हाड के करीबी नितिन देशमुख कौन हैं? जिनकी गिरफ्तारी के बाद धरने पर बैठे विधायक

विज्ञापन

जितेंद्र के खिलाफ दर्ज हुआ था केस?

बता दें कि गत 18 जुलाई 2025 को जितेंद्र आव्हाड के खिलाफ मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में केस दर्ज हुआ था। उन पर सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप लगे थे। नितिन देशमुख को विधानसभा भवन से पुलिस द्वारा हिरासत किए जाने के दौरान जितेंद्र ने पुलिस की गाड़ी को रोकने की कोशिश की थी। विवाद NCP कार्यकर्ता नितिन देशमुख और BJP विधायक गोपीचंद पडलकर के कार्यकर्ता के बीच झड़प से शुरू हुआ था। आव्हाड अक्सर अपने बयानों को लेकर भी सुर्खियों में रहते हैं। उन्होंने भगवान राम के मांसाहारी होने का दावा करके धार्मिक भावनाएं आहत की थी। इसलिए उनके खिलाफ मुंबई और पालघर में FIR दर्ज की गई थी।

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola