Sakshi Malik on WFI newly elected Body Suspension: खेल मंत्रालय ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की नवनिर्वाचित बॉडी को निलंबित कर दिया। इस पूरे मामले पर अब साक्षी मलिक का बयान सामने आया है। उनका कहना है कि मेरी लड़ाई सरकार से नहीं थी। हमारी लड़ाई केवल एक व्यक्ति से थी।
‘मुझे नहीं पता संजय सिंह को निलंबित किया गया है’
रेसलिंग से संन्यास का ऐलान कर चुकीं साक्षी मलिक ने कहा कि मैंने अभी तक लिखित में कुछ भी नहीं देखा है। मुझे नहीं पता कि केवल संजय सिंह को निलंबित किया गया है या पूरी संस्था को निलंबित किया गया है।
‘हमारी लड़ाई सरकार से नहीं थी’
साक्षी ने कहा कि हमारी लड़ाई सरकार से नहीं थी। हमारी लड़ाई सिर्फ एक आदमी से थी। हमारी लड़ाई महिला पहलवानों के लिए थी। मैंने संन्यास की घोषणा कर दी है, लेकिन चाहती हूं कि आने वाले पहलवानों को न्याय मिले।
साक्षी मलिक ने कहा कि मैं दो दिन से यह जानकर परेशान हूं कि नंदिनी नगर में कंपटीशन कराया जाएगा। मैं उन बच्चियों के लिए परेशान हूं, जो वहां जाएंगी।
‘मेरा WFI से कोई लेना-देना नहीं है’
डब्ल्यूएफआई के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह ने खेल मंत्रालय द्वारा कुश्ती महासंघ की नई बॉडी के निलंबन करने पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव हुए थे और नई बॉडी का गठन किया गया। अब यह कुश्ती महासंघ के सदस्यों पर निर्भर करता है कि वे सरकार से बात करना चाहते हैं या कानूनी कार्रवाई करना चाहते हैं। मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं है।
‘संजय सिंह मेरे रिश्तेदार नहीं है’
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि संजय सिंह मेरे रिश्तेदार नहीं हैं। नंदिनी नगर में अंडर-15 और अंडर-20 नेशनल आयोजित करने की घोषणा करने का मकसद यह सुनिश्चित करने था कि खेल आयोजन फिर से शुरू होने चाहिए।