क्या हैं IIT बॉम्बे के प्रदर्शनकारी छात्रों की 18 मांगें? प्रस्ताव पर डायरेक्टर ने किए हस्ताक्षर, स्टूडेंट के सुसाइड का है मामला

साहिल वाकोडे सुसाइड केस में विरोध प्रदर्शन कर रहे IIT बॉम्बे के छात्रों ने 18 मांगें रखी हैं, जिन्हे लेकर डायरेक्टर के साथ चर्चा हुई है. इन मांगों में डायरेक्टर का इस्तीफा भी शामिल है, अगर बाकि 17 मांगें नहीं मानी जाती हैं तो.

IIT Bombay | Students Protesters | Sahil Wakode

साहिल वाकोडे ने 18 सितंबर को सुसाइड कर लिया था. (Credit- X(Shameem))

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IIT बॉम्बे में साहिल वाकोडे की आत्महत्या के खिलाफ माहौल गरमाया हुआ है. 3 दिन से छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है और प्रदर्शनकारी छात्रों ने 18 मांगें की हैं. जिन्हे लेकर बीते दिन प्रदर्शनकारी छात्रों से निदेशक शिरीष केदारे ने मुलाकात की. दोनों पक्षों के बीच करीब 3 घंटे बातचीत हुई, जिसके बाद निदेशक शिरीष केदारे ने 18 मांगों के प्रस्ताव पर साइन किए. 18 मांगों के प्रस्ताव में साहिल वाकोडे की मौत की जांच कराने, संस्थान के एकेडमिक, अनुशासनात्मक और छात्र कल्याण योजनाओं में बदलाव, निदेशक का इस्तीफा और आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला के खिलाफ कार्रवाई की मांगें शामिल हैं.

मांगें नहीं मानने पर डायरेक्टर के इस्तीफे की मांग

छात्रों की कई मांगें मान ली गई हैं, जिसमें निदेशक का इस्तीफा शामिल है. प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद करने का आश्वासन दिया गया है. वहीं अगर मांगें एक महीने के अंदर मानी नहीं जाती हैं तो निदेशक को इस्तीफा देना चाहिए. बता दें कि साहिल वाकोडे एग्जाम में मोबाइल पर चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था. जिसके बाद उसने सुसाइड कर लिया था. मामले में एक टीचर पर साहिल को जातिसूचक गालियां देने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगे. इसी मामले के खिलाफ संस्थान के छात्रों पिछले 3 दिन से गेट पर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे हैं.

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क्या हैं प्रदर्शनकारी छात्रों की 18 सूत्रीय मांगें

1. साहिल वाकोडे की मौत की स्वतंत्र जांच कराई जाए.

2. आरोपी प्रोफेसर दूल्ला को ससपेंड किया जाए.

3. जांच की अंतरिम रिपोर्ट 30 सितंबर 2026 तक जारी की जाए

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4. जांच की अंतिम रिपोर्ट 15 अक्टूबर 2026 तक जारी की जाए.

5. साहिल वाकोडे की मानहानि किए जाने के लिए माफी मांगी जाए.

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6. संस्थान के प्रोफेसरों के लिए आचार संहिता बनाई जाए.

7. शिक्षकों और कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाए, ताकि वे छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को समझें और संवेदनशीलता से व्यवहार करें.

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8. छात्रों की काउंसलिंग की सुविधा बेहतर की जाए, ताकि दबाव और तनाव में आने पर उन्हें जल्द से जल्द काउंसलिंग की सुविधा मिले.

9. अनुशासन संबंधी कार्रवाई करने वाली कमेटी का वर्किंग प्रोसेस बदला जाए.

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10. संस्थान से जुड़े अहम फैसलों में छात्रों की राय ली जाए और भागीदारी बढ़ाई जाए.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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