दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस की परेड देखने के बाद प्रधानमंत्री मोदी दर्शकों का अभिवादन करने उनके बीच पहुंचे.
दिल्ली में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह खत्म होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन राष्ट्रपति भवन के लिए रवाना हुए.
कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस 2026 की परेड के समापन के साथ ही हजारों तिरंगे रूपी गुब्बारे आकाश में छोड़े गए, जो देश की स्वतंत्रता, एकता और बुलंद राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक हैं.
दिल्ली में कर्तव्य पथ पर ओडिशा की झांकी ने आत्मनिर्भर भारत की सशक्त कहानी प्रस्तुत की. झांकी में महिलाओं के नेतृत्व को दर्शाया गया, जो समान विकास के प्रति ओडिशा की प्रतिबद्धता और भारत की सामाजिक-आर्थिक प्रगति में इसकी बढ़ती भूमिका का प्रतीक है.
दिल्ली में कर्तव्य पथ पर मणिपुर की झांकी ने राज्य की उस यात्रा को दर्शाया, जिसमें स्वदेशी कृषि उपज को सांस्कृतिक विरासत और आर्थिक विकास के साधन के रूप में परिवर्तित किया गया.
गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में कर्तव्य पथ पर परेड के दौरान आसमान में 6 राफेल विमानों ने ‘वज्रंग’ फॉर्मेशन में उड़ान भरकर शानदार करतब दिखाए.
77वें गणतंत्र दिवस की परेड में ग्रुप कैप्टन राहुल रावत के नेतृत्व में अर्जुन फॉर्मेशन का कर्तव्य पथ पर शानदार प्रदर्शन किया.
कर्तव्य पथ के ऊपर राफेल लड़ाकू विमान ने 900 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ते हुए हैरतंगेज करतब दिखाए. विमान को 17वीं स्क्वाड्रन (गोल्डन एरो के नाम से प्रसिद्ध) के ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी और फ्लाइट लेफ्टिनेंट उत्कर्ष शर्मा ने उड़ाया.
गणतंत्र दिवस परेड में कर्तव्य पथ पर भारतीय नौसेना के P8I विमान और भारतीय वायु सेना के 2 Su-30 MKI विमानों से बनी वरुण फॉर्मेशन का फ्लाईपास्ट हुआ, जिसका नेतृत्व ग्रुप कैप्टन अक्षय कुमार राजा और कमांडर आशीष वशिष्ठ ने किया.
कर्तव्य पथ पर परेड में सहायक कमांडेंट सीमा नाग और नवीन कुमारी के नेतृत्व में सीआरपीएफ और एसएसबी की महिला टुकड़ी ने बाइक फॉर्मेशन में मार्च करते हुए अपने साहसिक कौशल का प्रदर्शन किया.
77वें गणतंत्र दिवस 2026 के कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में आयुष मंत्रालय की झांकी ने अपने प्रेरणादायक विषय आयुष का तंत्र, स्वास्थ्य का मंत्र से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.
कर्तव्य पथ पर केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की झांकी राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में प्रस्तुत की गई. भारत देश में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1875 में रचित वंदे मातरम राजनीतिक प्रचार का साधन नहीं, बल्कि सभ्यतागत आह्वान के रूप में उभरा.
कर्तव्य पथ पर परेड में केरल की झांकी में 2 परिवर्तनकारी उपलब्धियों को दर्शाया गया है, जिसमें एक भारत की पहली जल मेट्रो और दूसरी 100% डिजिटल लिटरेसी की उपलब्धि, जो आत्मनिर्भर केरल का एक प्रेरणादायक मॉडल प्रस्तुत करती है.
दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड के दौरान राजपूत रेजिमेंट और असम रेजिमेंट ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया.
26 जनवरी को 77वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर गृह मंत्रालय की झांकी प्रदर्शित की गई, जिसमें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) को दर्शाया गया था, जिसने भुज भूकंप की 25वीं वर्षगांठ को याद किया, जो भारत के आपदा प्रबंधन सफर में एक महत्वपूर्ण मोड़ था.
कर्तव्य पथ पर केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की झांकी ने गणतंत्र दिवस परेड के दौरान ‘कौशल द्वारा संचालित: आत्मनिर्भर, भविष्य के लिए तैयार भारत के निर्माण’ को उजागर किया.
कर्तव्य पथ पर परेड में स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग की झांकी ने भारत की शैक्षणिक विरासत और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत इसके विकास को दर्शाया, जिसमें स्कूली शिक्षा को ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में अग्रसर होते हुए चित्रित किया गया है.
दिल्ली में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में केंद्रीय विद्युत मंत्रालय की झांकी में विद्युत क्षेत्र में भारत की परिवर्तनकारी यात्रा को दर्शाया गया.
कर्तव्य पथ पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की झांकी ने ‘भारत गाथा: श्रुति, कृति, दृष्टि’ को प्रस्तुत किया, जिसने प्राचीन परंपराओं से लेकर वर्ल्ड कंटेंट और मीडिया केंद्र के रूप में भारत के उदय तक की सांस्कृतिक यात्रा को दर्शाया. इसे भारतीय फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली ने डिजाइन किया.
कर्तव्य पथ पर परेड में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की पुष्पमय झांकी राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में प्रस्तुत की गई.
Republic Day Parade 2026: भारत ने आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाया और इस मौके पर आज दिल्ली में कर्तव्य पथ पर भव्य समारोह और परेड हुई, जिसमें भारत ने अपनी ताकत और संस्कृति का प्रदर्शन किया. वहीं आज दिल्ली में पूरी दुनिया को वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने और ऑपरेशन सिंदूर की कहानी देखने को मिली. भारत की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विविधिता, ऐतिहासिक विरासत, स्वर्णिम इतिहास और सैन्य ताकत का अनोखा संगम दिखा.
ये 2 हस्तियां थीं इस बार चीफ गेस्ट
बता दें कि इस बार गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन रहे, जो एक दिन पहले दिल्ली पहुंच गए थे. समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करके की. वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समारोह की अध्यक्षता की, सुबह 10:30 बजे शुरू होकर करीब 90 मिनट तक चला. इस बार समारोह की थीम 'वंदे मातरम के 150 वर्ष' रहीं.
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31 जनवरी तक मनाएंगे 'भारत पर्व'
बता दें कि इस बार लाल किले पर गणतंत्र दिवस समारोह के तहत आज से 31 जनवरी तक ‘भारत पर्व’ मनाया जाएगा. 6 दिवसीय भारत पर्व राष्ट्रीय सांस्कृतिक और पर्यटन उत्सव का प्रतीक है. पर्यटन मंत्रालय के अनुसार, कार्यक्रम का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे.’भारत पर्व’ मंत्रालय का एनुअल प्रोग्राम है, जिसके तहत भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, कलात्मक और आध्यात्मिक विरासत का उत्सव मनाया जाता है.
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