रतन टाटा की करोड़ों की जायदाद बांटने में लगेंगे 6 महीने; जानें किसे-क्या मिलेगा?

टाटा ग्रुप के मालिक रतन टाटा को गुजरे कई महीने हो चुके हैं, लेकिन उनकी संपत्ति का बंटवारा अभी तक नहीं हुआ है। आखिर इसकी क्या वजह है? रतन टाटा की 3800 करोड़ रुपए की जायदाद का बंटवारा कैसे होगा?

ratan tata

मशहूर उद्योगपति रतन टाटा ने 9 अक्टूबर 2024 को इस दुनिया को अलविद कह दिया था। रतन टाटा के गुजरने के बाद से ही उनकी जायदाद लगातार सुर्खियों में है। रतन टाटा की संपत्ति में टाटा संस के शेयर समेत कई बड़ी प्रॉपर्टीज शामिल हैं। खबरों की मानें तो रतन टाटा की इच्छा थी कि करीबी दोस्तों, पालतू जानवरों, परिवार के लोगों और कर्मचारियों के बीच में उनकी संपत्ति का बंटवारा किया जाए।

विज्ञापन

बता दें कि रतन टाटा ने दिन-रात की कड़ी मेहनत के बाद टाटा अम्पायर खड़ा किया था। उनकी कुल संपत्ति 3800 करोड़ रुपए है। तो आइए जानते हैं कि रतन टाटा की इस संपत्ति का बंटवारा कैसे होगा? करोड़ों की इस संपत्ति में किसे-कितना हिस्सा मिलने वाला है।

विज्ञापन

कुछ हिस्सा होगा दान

बता दें कि रतन टाटा ने अपनी 3800 करोड़ रुपए की संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा रतना टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन और रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट को दिया है। इन पैसों का इस्तेमाल धर्म और समाज सेवा के लिए किया जाएगा। खबरों की मानें तो रतन टाटा ने 23 फरवरी 2022 को अपनी वसीयत पर हस्ताक्षर किए थे।

विज्ञापन

4 कोडिसिल शामिल

1. लीगल डॉक्यूमेंट्स
2. अनएलोकेटेड शेयर
3. चेरिटेबल ट्रस्ट
4. इन्वेस्टमेंट

सौतेली बहनों को दिया बड़ा हिस्सा

रतन टाटा ने अपनी संपत्ति का एक तिहाई भाग अपनी सौतेली बहनों शिरीन जीजी भॉय और दीना जीजी भॉय को दे दिया है, जिसमें एफडी, स्टॉक और 800 करोड़ रुपये की कीमती वस्तुएं शामिल हैं। उनके 82 वर्षीय भाई जिमी नवल टाटा को भी संपत्ति का कुछ हिस्सा जैसे जुहू बंगले का हिस्सा, चांदी के सामान और कुछ आभूषण मिलेंगे।

विज्ञापन

मेहली मिस्त्री को क्या मिला?

रतन टाटा ने अपनी संपत्ति का एक तिहाई भाग टाटा समूह की पूर्व कर्मचारी मोहिनी दत्ता को भी दिया है। मोहिनी को टाटा का करीबी दोस्त कहा जाता है। साथ ही रतन टाटा के करीब रहने वाले मेहली मिस्त्री को टाटा की अलीबाग की संपत्ति और तीन बंदूकें मिली हैं। इसमें 0.25 बोर की पिस्तौल भी शामिल है।

विज्ञापन

बंटवारे में लगेंगे 6 महीने

बता दें कि रतन टाटा की 3800 करोड़ रुपए की संपत्ति बांटने में लगभग 6 महीने तक का वक्त लग सकता है। उन्होंने संपत्ति की प्रोबेट के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी है। प्रोबेट एक कानूनी प्रक्रिया है। जिसमें संपत्ति को कोर्ट द्वारा मान्य किया जाता है, तब जाकर संपत्ति वितरित करने की अनुमति मिलती है।

पालतू जानवरों को मिले 12 लाख रुपए

बता दें कि रतन टाटा ने पालतू जानवरों के लिए 12 लाख रुपए अलग से दिए हैं। यह पैसे प्रत्येक पालतू जानवरों की देख-रेख के लिए खर्च होंगे। हर तीन महीने में 30,000 रुपए जानवरों की देखभाल में लगेंगे। इसके अलावा टाटा के द्वारा दिए गए कार्यकारी सहायक शांतनु नायडू ने छात्र लोन लिया था। जिसे रतन टाटा ने माफ कर दिया है। साथ ही उन्होंने अपने पड़ोसी जेक मालिटे को शिक्षा लोन दिया था उसको भी माफ कर दिया है।

विज्ञापन

विदेशी संपत्तियों का ब्यौरा

बता दें कि उद्योगपति रतन टाटा की विदेशी संपत्तियों की कीमत लगभग 40 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इनमें सेशेल्स में प्रॉपर्टी, वेल्स फार्गो और मॉर्गन स्टेनली के साथ बैंक अकाउंट, एल्कोआ कॉर्प और हाउमेट एयरोस्पेस के शेयर भी शामिल हैं। उनकी पर्सनल 65 लक्जरी घड़ियां भी संपत्ति में शामिल हैं, जिनमें बुल्गारी, पाटेक फिलिप, टिसोट और ऑडेमर्स पिगुएट जैसे कई ब्रांड मौजूद हैं।

विज्ञापन

RNT की जिम्मेदारी किसको मिली?

सेशेल्स में रतन टाटा की जमीन आरएनटी (RNT) एसोसिएट्स सिंगापुर को दे दी गई है। RNT उनकी बिजनेस से जुड़ी कुछ कंपनिया हैं। उनकी संपत्ति में यह भी कहा गया है कि आरएनटी एसोसिएट्स इंडिया (RNT Associates India) और आरएनटी एसोसिएट्स सिंगापुर (RNT Associates Singapore) की देख-रेख आर वेंकटरमन और पैट्रिक मैकगोल्ड्रिक करेंगे।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ