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Ramlalla की आंखों पर क्यों बांधी गई पट्टी? प्राण प्रतिष्ठा से जुड़े 5 सवाल, जिनके दिलचस्प जवाब

Ram Mandir Ram Lalla Pran Pratishtha: राम मंदिर से रामलला की आंखों पर बंधी पट्टी वाली तस्वीर सामने आई थी, आखिर पट्टी क्यों बांधी गई थी? पढ़ें प्राण प्रतिष्ठा से जुड़े कुछ सवाल और उनके जवाब…

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अयोध्या के राम मंदिर में चल रहे रामलला के प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के 5 दिन पूरे हो चुके हैं।

Ayodhya Ram Mandir Ram Lalla Pran Pratishtha: अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी आखिरी चरणों में हैं। आज प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का छठा दिन है। आज राम मंदिर में स्थापित किए गए देवताओं का पूजन, हवन, पारायण, आदि कार्य, प्रातः मध्वाधिवास किया जाएगा।

रामलला की मूर्ति का 114 कलशों के विविध औषधियुक्त जल से स्नपन, महापूजा, उत्सवमूर्ति की प्रासाद‌ परिक्रमा, शय्याधिवास, तत्लन्यास, महान्यास आदिन्यास, शान्तिक-पौष्टिक-अघोर होम, व्याहति होम, रात्रि जागरण, पूजन एवं आरती होगी।

अब जानिए प्राण प्रतिष्ठा से जुड़े वो 5 सवाल, जिनका जवाब हर कोई जानना चाहेगा, जैसे रामलला की आंखें कवर क्यों की गईं? रामलला प्रतिमा में अकेले क्यों हैं?

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रामलला की आंखें क्यों कवर की गई हैं?

शरीर का ऊर्जा और तेज का केंद्र आंखें होती हैं। राम मंदिर में मंत्रोच्चारण के साथ अनुष्ठान चल रहा है। मंत्रों के उच्चारण से प्रतिमा में देवता का वास हो जाता है। देव का तेज नेत्रों में झलकने लगता है, लेकिन महाआरती से पहले प्रतिमा की आंखें खुली रहने से शास्त्र विधि का लोप हो जाएगा और प्राण प्रतिष्ठा पूरी नहीं होगी। इसलिए महाआरती के बाद जब प्राण प्रतिष्ठा स्पेशल मंत्रों का उच्चारण होगा और आंखों की पट्टी खोली जाएगी तो देव का तेज आंखों से पूरी प्रतिमा में उतर जाएगा।

 

रामलला को आईना क्यों दिखाया जाएगा?

जब रामलला की आंखों पर बंधी पट्टी खुलेगी तो जो तेज, ऊर्जा, तरंगें उनकी आंखों में होंगी, उसका ताप सहने के लिए उनकी आंखों के आगे पहने आईना लाया जाएगा। उस ऊर्जा और तरंगों को देव के अलावा कोई नहीं देख पाएगा और इनका ताप भी उनके सिवा कोई नहीं सह पाएगा। वहीं अगर इस दौरान दर्पण टूट जाएगा तो माना जाएगा कि प्रतिमा में देवता का वास हो चुका है।

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रामलला प्रतिमा में अकेले क्यों, रंग काला क्यों?

प्रतिमा में रामलला अकेले हैं, क्योंकि राम जन्मभूमि अयोध्या में श्रीराम के बाल स्वरूप की ही पूजा होती आई है, इसलिए प्रतिमा भी रामलला के बाल स्वरूप की है और वे प्रतिमा में अकेले ही दिखाए गए हैं। दूसरी ओर, वाल्मीकि रचित रामायण में रामलला के श्यामल रंग का वर्णन किया गया है, इसलिए प्रतिमा काले रंग के पत्थर से बनाई गई है।

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राममला की आंखों में सूरमा क्यों डाला जाएगा?

22 जनवरी को गर्भगृह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामलला की आंखों में सूरमा भी डालेंगे, लेकिन सूरमा क्यों डाला जाएगा? दरअसल आयुर्वेद में आंखों की रोशनी के लिए सूरमा को अनिवार्य बताया गया है। जैसे बच्चों को नजर लगने से बचाने के लिए मां काला टीका लगाती है। आंखों में सूरमा डालती है। उसी तरह रामलला को भी नजर लगने से बचाने के लिए आंखों में सूरमा डाला जाएगा। वैसे परपंरा देव की आंखों में सूरमा डालने की रही है।

प्राण प्रतिष्ठा पत्थर की प्रतिमा में क्यों?

मूर्तियां पत्थर की बनाई जाती हैं तो पत्थर की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा क्यों की जाएगी? पत्थर में जीवन शक्ति क्यों आएगी? क्योंकि शास्त्रों के अनुसार, पत्थर की प्रतिमा को देख सकते हैं, लेकिन उसकी पूजा नहीं की जा सकती, इसलिए मंत्रों का उच्चारण करके प्रतिमा में प्राण शक्ति का आह्वान किया जाता है। प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद प्रतिमा पूजा करने योग्य हो जाती है। इसलिए रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जा रही है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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