Sonam Raghuvanshi को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, राजा के पिता बोले-सुप्रीम कोर्ट जाएंगे

Raja Raghuvanshi Murder Case: राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम की जमानत रद्द करने की याचिका शिलांग हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है. इस फैसले के बाद मृतक राजा के माता-पिता का दर्द और गुस्सा फूट पड़ा है. पिता अशोक रघुवंशी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अब इंसाफ के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही है. भोपाल से विपिन श्रीवास्तव की रिपोर्ट.

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Raja Raghuvanshi Murder Case: बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम को शिलांग हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने सोनम की जमानत रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया है. हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद मृतक राजा रघुवंशी के परिवार में भारी मायूसी और आक्रोश है. अदालत के इस रुख पर राजा के माता-पिता का दर्द छलक उठा है और उन्होंने पुलिस प्रशासन व कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

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“सोनम-सिया जैसी औरतों का हौसला बढ़ रहा है”

बेटे को खोने के गम में डूबी मां उमा रघुवंशी का गुस्सा कोर्ट के फैसले के बाद फूट पड़ा. उन्होंने रोते हुए कहा, “सोनम को जमानत नहीं मिलनी चाहिए थी, उसे तो जेल की सलाखों के पीछे होना था. हमें पूरी उम्मीद थी कि उसकी जमानत खारिज होगी और वह वापस जेल जाएगी, लेकिन मेरे बेटे को आज तक इंसाफ नहीं मिल पाया. इस फैसले से अब कानून से विश्वास उठ चुका है.”

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उमा रघुवंशी ने आगे कहा कि सोनम ने अपने ही पति को मार डाला और आज वह बाहर घूम रही है. सोनम को बेल मिल गई है, तो अब बाकी हत्यारे राज, आकाश और आनंद भी छूट जाएंगे. सोनम की तरह ही सिया ने भी हत्या की है. आज सोनम बाहर है, कुछ महीनों बाद सिया भी जेल से बाहर आ जाएगी. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ऐसे फैसलों से सोनम और सिया जैसी लड़कियों का हौसला बढ़ रहा है क्योंकि इन्हें सजा नहीं मिल रही. यही वजह है कि ऐसे केस लगातार बढ़ रहे हैं. जब राजा को न्याय नहीं मिला, तो केतन को क्या मिलेगा? कम से कम केतन को तो इंसाफ मिलना चाहिए.

“जान रहने तक लड़ूंगा, अब सुप्रीम कोर्ट जाएंगे”

वहीं, राजा के पिता अशोक रघुवंशी ने साफ कर दिया है कि वे इस फैसले के आगे झुकेंगे नहीं. उन्होंने पुलिस की लचर तफ्तीश पर आरोप लगाते हुए कहा, “पुलिस की कमजोर कार्रवाई के कारण ही सोनम को कोर्ट से बेल मिली है. सरकार आंखें बंद करके बैठी है और इसी ढिलाई की वजह से आज कई पतियों की जान जा रही है. आखिर सरकार कब तक ऐसी औरतों को छूट देती रहेगी?”

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अशोक रघुवंशी ने कहा कि भले ही हम हाईकोर्ट से यह कानूनी लड़ाई हार गए हैं, लेकिन हम चुप नहीं बैठेंगे. सोनम की जमानत हर हाल में खारिज होनी चाहिए. मैं सरकार से गुहार लगाता हूं कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए. हम इंसाफ के लिए अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और जब तक मेरी जान में जान है, मैं अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए यह जंग लड़ता रहूंगा.

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Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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