कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को इस दावे को खारिज कर दिया कि 12 अक्टूबर को नयी दिल्ली में विपक्ष के विरोध मार्च के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें धक्का देकर पीछे कर दिया. शिवकुमार की यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर वायरल उस वीडियो क्लिप को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच छिड़ी जुबानी जंग के बीच आयी है, जिसमें मार्च के दौरान राहुल के साथ चलने की कोशिश कर रहे कर्नाटक के मुख्यमंत्री को भीड़ के बीच धक्का देकर पीछे करते दिखाया गया है.
भाजपा कहा- राहुल गांधी ने किया अपमान
भाजपा ने कथित घटना को लेकर राहुल पर तीखा हमला बोलते हुए इसे पूरे राज्य का ‘अपमान’ करार दिया. उसने वीडियो साझा करते हुए कहा कि कन्नड़ भाषी लोग राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को कभी माफ नहीं करेंगे. हालांकि, शिवकुमार ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘राष्ट्रीय राजधानी में हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने मुझे धक्का नहीं दिया. उन्होंने मेरे प्रति फिक्र दिखाते हुए मुझे पीछे आ रही गाड़ी में बैठने का सुझाव दिया, क्योंकि प्रदर्शनकारियों की भीड़ बहुत ज्यादा थी.’
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‘किसी ने मुझे धक्का नहीं दिया’: CM शिवकुमार
उन्होंने कहा, ‘विरोध-प्रदर्शन के दौरान किसी ने मुझे धक्का नहीं दिया.’ शिवकुमार ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी को उनसे ‘बहुत लगाव’ है, इसीलिए वह ‘गलत जानकारी’ फैला रही है. कर्नाटक भाजपा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था, ‘राहुल गांधी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री को – जो सात करोड़ कन्नड़ भाषी लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं – दिल्ली बुलाया और उनका अपमान किया. उन्हें राहुल गांधी के पास जाने से रोकना और इस तरह अमानवीय तरीके से दूर धकेलना, कांग्रेस पार्टी की ओर से पूरे कर्नाटक राज्य का भारी अपमान है. कन्नड़ लोग राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को कभी माफ नहीं करेंगे.’
भाजपा ने की इंडिया गठबंधन के मार्च की निंदा
भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने दिल्ली में विपक्ष की ओर से उच्चतम न्यायालय तक निकाले गए मार्च की कड़ी आलोचना करते हुए इसे ‘गुंडागर्दी, अहंकार और अंधभक्ति’ का खुला प्रदर्शन बताया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से रचा गया राजनीतिक तमाशा संवैधानिक मर्यादा और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति ‘तिरस्कार का चौंकाने वाला प्रदर्शन’ था, जिसमें न्यायपालिका को भी नहीं बख्शा गया.
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