भारत में जहां साफ पीने के पानी की पहुंच आज भी एक बड़ा मुद्दा है, वहीं देश में एक ऐसा भी शहर है, जहां आप विदेशों की तरह सीधे घर में लगी टोंटी से ग्लास भरकर पानी पी सकते हैं. जी हां, आपको ये जानकर जरूर हैरानी हुई होगी, लेकिन ओडिशा के पुरी शहर ने ऐसा करके इतिहास रच दिया है. पुरी अब देश का पहला ऐसा शहर बन गया है, जहां नल से आने वाला पानी बिना किसी फिल्टर या बॉयलिंग के भी सीधे पीने योग्य है.
पुरी शहर की ये क्रांति पूरे देश के लिए एक मिसाल बन गई है. एक तरफ जहां मध्य प्रदेश में दूषित पेयजल की वजह से कई मासूम लोगों ने अपनी जिंदगी गंवा दी और 40 से अधिक लोग बीमार पड़ गए. वहीं, पुरी की ये उपलब्धि जनस्वास्थ्य पर केंद्रित बड़े विजन की सफलता का वर्तमान सबूत बन गया है.
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क्या है 'ड्रिंक-फ्रॉम-टैप' मिशन?
ओडिशा सरकार ने 'सुजल योजना' के तहत 'Drink From Tap (DFT)' मिशन की शुरुआत की थी. जिसका उद्देश्य था हर घर को 24 घंटे अंतरराष्ट्रीय मानकों वाला शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना. पुरी में इस योजना के तहत लगभग 25 हजार घरों तक ऐसा पानी पहुंचाया गया है जो WHO और BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) दोनों के मानकों पर खरा उतरता है. इस मिशन के तहत नल का पानी पूरी तरह स्वच्छ, बैक्टीरिया-फ्री और स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है. स्थानीय निवासियों से लेकर पर्यटकों तक, पुरी में अब किसी को बोतलबंद पानी की जरूरत नहीं पड़ती.
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पुरी को कैसे मिली मिशन में सफलता?
आपको बता दें कि पुरी की इस क्रांति के पीछे आधुनिक वॉटर ट्रीटमेंट सिस्टम काम कर रहा है. यहां पानी को कई चरणों में शुद्ध किया जाता है, जिससे बैक्टीरिया और वायरस पूरी तरह खत्म हो जाते हैं. इस मिशन के तहत पुरी में नई फूड-ग्रेड पाइपलाइनें बिछाई गईं, जो लीकेज को रोकती हैं और बाहरी गंदगी को सिस्टम में घुसने नहीं देतीं. इसके अलावा रीयल-टाइम वॉटर क्वालिटी मॉनिटरिंग सेंसर लगाए गए हैं जो किसी भी गड़बड़ी पर तत्काल अलर्ट जारी करते हैं. यही वजह है कि लोगों को घर और बाहर नल से पीने योग्य साफ पानी मिल पाता है.
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