कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाड्रा ने बुधवार को कहा कि बीकानेर हाउस प्रशासन ने उनकी सोलो प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले दिल्ली में हालिया विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी उनकी कई तस्वीरें हटा दीं. प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ का प्रिव्यू बुधवार को हुआ. यह प्रदर्शनी गुरुवार से आम लोगों के लिए खुलेगी.
रेहान ने कहा कि उन्हें बुधवार को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बताया गया कि अगर तस्वीरें शाम पांच बजे तक नहीं हटाई गईं, तो प्रदर्शनी रद्द कर दी जाएगी. रेहान ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शनी का विस्तृत प्रस्ताव और प्रारूप बीकानेर हाउस प्रबंधन के साथ काफी पहले साझा कर दिया था, इसके बावजूद प्रशासन ने कई तस्वीरें हटा दीं.
रेहान के मुताबिक, प्रदर्शनी में शुरू में वन्यजीवन, अमूर्त कला और भारत में युवाओं के हालिया प्रदर्शनों की तस्वीरें समेत 100 से अधिक तस्वीरें शामिल थीं, जिनमें से 70 से अधिक तस्वीरें हटा दी गई हैं और करीब 40 तस्वीरें अभी प्रदर्शित हैं.
कलाकारों के काम को सेंसर कर रहे – रेहान वाड्रा
उन्होंने कहा कि हटाई गई तस्वीरों में किसी तरह का राजनीतिक संदेश नहीं था और वे पिछले छह महीने के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शनों का केवल दृश्य दस्तावेजीकरण थीं.
रेहान ने कहा, ‘एक भारतीय कलाकार के तौर पर मुझे लगा कि जो कुछ हो रहा है, उसका दस्तावेजीकरण करना मेरा कर्तव्य है. वे कलाकारों के काम को सेंसर कर रहे हैं. मुझे नहीं पता कि वे किस बात से डरे हुए हैं. उन्होंने भारतीय ध्वज की तस्वीर तक हटा दी.’
रेहान ने दावा किया कि बीकानेर हाउस प्रशासन ने तस्वीरें हटाने के पीछे मौजूदा ‘राजनीतिक माहौल’ का हवाला दिया और कहा कि ऐसी तस्वीरों को प्रदर्शित करने का यह सही समय नहीं है. रेहान ने कहा कि मैंने तर्क दिया कि आप यह नहीं कह सकते कि राजनीतिक कला प्रदर्शित न करें, क्योंकि सारी कला राजनीतिक होती है.राजनीति के बिना कोई कला नहीं है.
अब लोकतंत्र नहीं रहा- प्रियंका गांधी ने कहा
रेहान की मां और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने तस्वीरें हटाए जाने पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह हास्यास्पद है. वे देशभर के युवाओं की आवाज को दबा रहे हैं. इसलिए यह स्वाभाविक ही है कि वे किसी के साथ भी ऐसा करेंगे.’
प्रियंका ने कहा, ‘विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी रेहान तस्वीरों में न तो कोई टिप्पणी थी और न ही किसी के खिलाफ कुछ अपमानजनक था. वे सिर्फ विरोध-प्रदर्शन का दृश्य के जरिये किया गया दस्तावेजीकरण थीं. स्पष्ट रूप से यही उनका (सरकार) तरीका है. अब लोकतंत्र नहीं रहा. आज यह उसके साथ हुआ है, कल किसी और कलाकार के साथ होगा.’
बीकानेर हाउस के सीसीए भवन की पहली मंजिल पर स्थित दो बड़े कमरों की दीवारों से करीब 74 तस्वीरें हटाए जाने के बाद वहां तस्वीरों की जगह लगी कीलें नजर आ रही थीं. दीवारों पर संविधान की प्रस्तावना अंकित थी.
पवन खेड़ा का निशाना
इस घटनाक्रम के सामने आते ही कांग्रेस ने केंद्र सरकार और राजस्थान की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार किया. कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘जब सेंसर की कैंची से तिरंगा भी सुरक्षित न रहे, तो समझ लीजिए कि समस्या कला में नहीं, बल्कि मौजूदा शासन में है. तस्वीरें केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दर्ज कर रही थीं, उनमें कुछ भी भड़काऊ नहीं था.’