समंदर की 'महारानी' पर महामहिम सवार, जानें कितनी ताकतवर है INS कलवरी, क्यों इसकी गूंज से कांप उठता है दुश्मन?

INS Kalvari Submarine Features: देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज जिस पनडुब्बी में समुद्री यात्रा पर गईं, वह करीब 50 दिन तक समुद्र के अंदर रह सकती है और इस दौरान उसे दुश्मन का राडार तक नहीं पकड़ सकता. इस पनडुब्बी में सवार होने से पहले राष्ट्रपति मुर्मू भारतीय नौसेना के कारवार बेड़े का दौरा भी करेंगी, जिसमें कई युद्धपोत और पनडुब्बियां तैनात हैं.

INS Kalvari (S21)

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस पनडुब्बी में समुद्री यात्रा पर गईं.

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INS Kalvari Submarine Features: भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज कर्नाटक के कारवार बंदरगाह स्थित INS कदंबा नौसेना अड्डे का दौरा किया. इसके बाद उन्होंने INS कलवरी S-21 पनडुब्बी में सवार होकर समुद्री यात्रा की. राष्ट्रपति कार्यालय से यह जानकारी दी गई है. वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पनडुब्बी में समुद्री यात्रा करने वालीं दूसरी राष्ट्राध्यक्ष बन गई हैं. राष्ट्रपति पिछले साल भारतीय नौसेना के पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर में भी गई थीं. इसी साल अक्टूबर में राष्ट्रपति मुर्मू ने इंडियन एयरफोर्स के फाइटर जेट राफेल में भी उड़ान भरी थी.

क्यों खास है राष्ट्रपति की समुद्री यात्रा?

यूं तो भारत के राष्ट्रपति इस तरह से समुद्री यात्रा करते नहीं हैं, लेकिन अगर वे समुद्री यात्रा करें और यात्रा भी पनडुब्बी में करें तो यह बेहद दुर्लभ और महत्वपूर्ण घटना है. वहीं राष्ट्रपति मुर्मू के पनडुब्बी में समुद्री यात्रा करने से भारतीय नौसेना के जवानों का मनोबल बढ़ा. भारतीय नौसेना की ताकत और टेक्नोलॉजी को करीब से देखने का मौका मिला. राष्ट्रपति को भी समुद्र के अंदर गहराई में नीचे की दुनिया देखने को मिली. कारवार में भारतीय नौसेना का बहुत बड़ा बेस है, जिसमें कई युद्धपोत और पनडुब्बियां तैनात हैं, जिन्हें आज राष्ट्रपति मुर्मू ने देखा.

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INS कलवरी (S21) की खासियतें

बता दें कि कलवरी क्लास की पनडुब्बी साल 2017 में कमीशंड हुई थी और यह देश में बनी सबमरीन है. इसे महाराष्ट्र के मुंबई में मझगांव डॉक्स लिमिटेड कंपनी के द्वारा बनाया गया है. यह पनडुब्बी डीजल और इलेक्ट्रिक दोनों तरह से चल सकती है. प्रोजेक्ट-75 (P-75) के तहत मझगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने फ्रांसीसी कंपनी नेवल ग्रुप के साथ मिलकर इसे बनाया और इसका डिजाइन भी तैयार किया. स्टेल्थ फीचर्स वाली यह पनडुब्बी करीब 67.5 मीटर लंबी है. इसके 40 से 45 क्रू मेंबर्स हो सकते हैं और यह 50 दिन समुद्र में रह सकती है.

12000KM सफर करने में सक्षम

समुद्र के सर्फेस पर पनडुब्बी का वजन 1600 टन और समुद्र के अंदर 1800 टन है. समुद्र के ऊपर इसकी स्पीड 11 नॉट्स यानी 20 किलोमीटर और समुद्र के अंदर 20 नॉट्स यानी 37 किलोमीटर प्रति घंटा है. यह पनडुब्बी एक बार में करीब 12000 किलोमीटर का सफर तय कर सकती है. इस पनडुब्बी में एंटी-टॉरपीडो काउंटर मेजर सिस्टम लगा है. 533 मिलीमीटर के 6 टॉरपीडो ट्यूब हैं. 18 SUT टॉरपीडो या SM.39 एक्सोसेट एंटी-शिप मिसाइल लॉन्च करने और 30 समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की क्षमता है. एडवांस्ड एकॉस्टिक साइलेंसिंग तकनीक भी इसमें है.

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करीब 350 फीट की गहराई में जाने में सक्षम कलवरी पनडुब्बी दुश्मन को चकमा देने और दुश्मन की जासूसी करने में भी माहिर है.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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