Prahlad Joshi First Statement Education Minister: NEET-UG परीक्षा विवाद और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के उग्र छात्र प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. जिम्मेदारी संभालते ही प्रह्लाद जोशी ने अपना पहला आधिकारिक बयान देते हुए कहा कि "वह अपनी पूरी क्षमता और निष्ठा के साथ इस जिम्मेदारी का पालन करेंगे." उन्होंने संकेत दिया कि उनका प्राथमिक उद्देश्य परीक्षाओं की पारदर्शिता को पुनः बहाल करना और आंदोलनकारी छात्रों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर मामले को शांत करना है.
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शिक्षा मंत्रालय की कमान संभालते ही प्रह्लाद जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि वे मंत्रालय की गरिमा और छात्रों के विश्वास को वापस लाने के लिए अपनी पूरी प्रशासनिक क्षमता लगा देंगे. राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में चल रहे गतिरोध को खत्म करना और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कामकाज में सुधार उनकी पहली प्राथमिकता होगी. जंतर-मंतर पर CJP और अन्य छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शन पर ध्यान देते हुए सरकार वार्ता के जरिए समाधान की दिशा में आगे बढ़ेगी.
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क्या है प्रहलाद जोशी की एक्शन रणनीति?
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सबसे पहले NTA के 47 अधिकारियों की बर्खास्तगी के बाद खाली हुए पदों पर नई तकनीकी और प्रशासनिक टीमों की तैनाती तुरंत की जाएगी ताकि आगामी परीक्षाओं के शेड्यूल पर असर न पड़े. संसदीय कार्य मंत्री के रूप में अपने लंबे अनुभव का इस्तेमाल करते हुए प्रह्लाद जोशी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के छात्र प्रतिनिधियों और नागरिक समाज से बात कर गतिरोध दूर करेंगे. NEET विवाद में फंसे लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के कानूनी मामलों को तेजी से निपटाने के लिए कानून मंत्रालय के साथ मिलकर विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी.
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