PPF मैच्योरिटी में भूलकर भी न करें ये गलती, एक फॉर्म न भरने पर हो सकता है लाखों का नुकसान
Author: Vijay Jain
Aug 23, 2026 10:24 PM IST
पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF भारत में सुरक्षित और टैक्स-फ्री रिटर्न के लिए सबसे लोकप्रिय बचत योजनाओं में से एक है. आमतौर पर पीपीएफ खाता 15 वित्तीय वर्षों में मैच्योर होता है. मैच्योरिटी के बाद अगर आप इस खाते को आगे भी जारी रखना चाहते हैं और इसमें नए पैसे जमा करना चाहते हैं, तो एक छोटा सा नियम नजरअंदाज करना आपको भारी पड़ सकता है. पीपीएफ खाता खोलने के 15 वित्तीय वर्ष पूरे होने पर आपके पास तीन विकल्प होते हैं.
पहला तो पूरा पैसा निकालें और खाता बंद करें, मूलधन और ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगता. दूसरा खाता अपने आप 5 साल के ब्लॉक में चालू रहेगा और बची हुई रकम पर ब्याज मिलता रहेगा. तीसरा आप हर साल तय रकम जमा करते हुए 5-5 साल के लिए खाता आगे बढ़ा सकते हैं.
सिर्फ पैसे बचाने से नहीं बनेंगे अमीर! आज ही अपनाएं ये 8 आसान हैक्स, कभी नहीं होगी पैसों की तंगी
एक फॉर्म भूलने पर कैसे होगा लाखों का नुकसान?
अगर आप मैच्योरिटी के बाद भी खाते में पैसे जमा करना चाहते हैं, तो आपको मैच्योरिटी की तारीख से 1 साल के भीतर फॉर्म-एच (नए नियमों में फॉर्म 4) भरकर बैंक या डाकघर में जमा करना अनिवार्य होता है. यदि आपने यह फॉर्म जमा नहीं किया और खाते में पैसे जमा करते रहे तो मैच्योरिटी के बाद आपके द्वारा जमा की गई नई रकम पर सरकार 1 रुपए का भी ब्याज नहीं देगी. नए निवेश पर इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत मिलने वाली छूट भी रद्द हो जाएगी. आपका खाता अपने-आप ‘बिना निवेश’ वाली श्रेणी में चला जाएगा और नया जमा किया गया पैसा बिना किसी फायदे के फंसा रह सकता है.
क्या करें निवेशक?
यदि आपका पीपीएफ खाता 15 साल पूरा करने वाला है या कर चुका है, तो तुरंत अपने बैंक या पोस्ट ऑफिस की शाखा में जाएं और फॉर्म-एच और फॉर्म-4 जमा करें. समय रहते यह कदम उठाने से आपका गाढ़ी कमाई का पैसा बिना किसी नुकसान के बढ़ता रहेगा.
महंगाई के बीच कैसे बचाएं अपनी जमा पूंजी? जानिए 2026 में पैसे बचाने के सबसे असरदार तरीके