80 साल बाद बदला भारत का 'पॉवर सिस्टम', पीएम मोदी ने नए PMO 'सेवा तीर्थ' का किया उद्घाटन
Author: Versha Singh
Feb 13, 2026 04:47 PM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘सेवा तीर्थ’ भवन परिसर का उद्घाटन किया. इस परिसर में ही अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और कैबिनेट सचिवालय शिफ्ट हो गए हैं.
सरकार ने साउथ ब्लॉक को सेवा तीर्थ, सेंट्रल सचिवालय को कर्तव्य भवन, राजपथ को कर्तव्य पथ, रेस कोर्स रोड को लोक कल्याण मार्ग और राज भवन/राज निवास को लोक भवन/लोक निवास में तब्दील किया है.
सेवा तीर्थ में क्या-क्या किया गया शामिल?
दशकों से केंद्र सरकार के कई महत्वपूर्ण कार्यालय और मंत्रालय सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर स्थित जर्जर भवनों से संचालित होते रहे हैं. जिसके कारण वहां पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए जरूरी वर्क एन्वायरमेंट नहीं मिल पा रहा है. इसके अलावा कर्मचारियों में आपस में संयोजन की कमी, रखरखाव लागत को लेकर भी कई दिक्कतें सामने आई. वहीं, अब नए कैंपस इन समस्याओं का समाधान करते हुए और भविष्य की जरूरतों के अनुसार सुविधाओं को शामिल करते हुए एक ही जगह पर एक कैंपस में इन्हें शामिल कर लिया गया है.
सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय को एक ही परिसर में स्थान दिया गया है, जो पहले अलग-अलग स्थानों पर संचालित होते थे.
इसमें क्या है खास?
कर्तव्य भवन-1 और 2 बिल्डिंग में डिजिटल तकनीकों से लैस ऑफिस, जनता से सीधी बातचीत के लिए पब्लिक एरिया और सेंट्रलाइज्ड रिसेप्शन भी शामिल किया गया है. वहीं, सरकार का कहना है कि इससे मंत्रालयों के बीच तालमेल बेहतर होगा. इसके अलावा कामकाज की स्पीड तेज होगी और लोगों की भागीदारी बेहतर होगी. बता दें कि इस बिल्डिंग को 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुरूप ही डिजाइन किया गया है.
आधुनिक डिजाइन पर बना नया PMO
बता दें कि नया प्रधानमंत्री कार्यालय अब ओपन फ्लोर मॉडल पर बनाया गया है. अब इसमें पहले की तरह बंद कमरों और ऊंची दीवारों वाला ढांचा नहीं है बल्कि अब यहां खुले और आपस में जुड़े हुए वर्कस्पेस बनाए गए हैं. नए कार्यालय को इस तरह से डिजाइन किया गया है जिससे कर्मचारी आपस में बेहतर तालमेल के साथ काम कर सके.
पीएम के निजी कक्ष और बड़े बैठक कक्ष भी नए सिरे से तैयार किए गए हैं. यहां विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठक की सुविधा दी गई है.