'नारी शक्ति कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी…', PM मोदी का देश को संबोधन
Author: Varsha Sikri
2026-04-18 14:41:34
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कांग्रेस ने अक्सर देश में बांटने वाली बातें फैलाई हैं. उसने यह फैलाया कि डिलिमिटेशन से कुछ राज्यों को नुकसान होगा. हालांकि, सरकार ने शुरू से ही यह साफ कर दिया था कि किसी भी राज्य का हिस्सा कम नहीं होगा और रिप्रेजेंटेशन कम नहीं होगा. सीटें उसी हिसाब से बढ़ेंगी. तब भी, कांग्रेस ने DMK, TMC और SP के साथ मिलकर इसे मानने से इनकार कर दिया.
कल हमारे पास संख्या बल नहीं था. इसका मतलब ये नहीं कि हम हार गए. हमारी कोशिश रुकेगी नहीं. हमारा आत्मबल मजबूत है. हमारे पास आगे भी बहुत मौके आएंगे. हमें देश के भविष्य के लिए, आधी आबादी के सपनों के लिए इसे संकल्प पूरा करना ही है.
नारी शक्ति वंदन के विरोध का एक मुख्य कारण वंशवाद वाली पार्टियों में डर है. उन्हें चिंता है कि अगर महिलाओं को सच में मजबूत बनाया गया, तो उनके लीडरशिप स्ट्रक्चर को चुनौती मिल सकती है. वे नहीं चाहते कि उनके अपने परिवार के बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें और लीड करें.
वे भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की महिलाएं देश की हर घटना पर नजर रख रही हैं. वे उनके इरादों को भांप रही हैं और सच्चाई अच्छी तरह जान चुकी हैं. इसलिए, महिला आरक्षण का विरोध करने के विपक्ष के पाप की सजा जरूर मिलेगी. इन पार्टियों ने संविधान बनाने वालों की भावनाओं का भी अपमान किया है.
कांग्रेस ने जीएसटी, सामान्य वर्ग के लोगों को आरक्षण, तीन तलाक के खिलाफ कानून, 370 हटाने का विरोध किया. कांग्रेस ने यूसीसी का विरोध किया. रिफॉर्म का नाम सुनते ही, कांग्रेस विरोध की तख्ती लेकर दौड़ पड़ती है.
डीएमके के पास मौका था कि तमिलनाडु के और ज्यादा लोगों को सांसद और विधायक बना सकती थी. तमिलनाडु को आगे ले जा सकती थी. ऐसे ही पश्चिम बंगाल में टीएमसी के पास मौका था. वहीं, उत्तर प्रदेश में सपा के पास नारी विरोधी की छवि को हटा सकती थी. सपा महिला आरक्षण विरोधी है, ये यूपी और देश की महिलाएं कभी नहीं भूलेंगी.
महिलाओं के आरक्षण का विरोध करके कांग्रेस ने फिर एक बार सिद्ध कर दी है कि कांग्रेस एक एंटी रिफॉर्म पार्टी है. 21वीं सदी के लिए देश के लिए जो भी फैसले जरूरी हैं, जो भी नीतियां जरूरी हैं, कांग्रेस उन सबका विरोध कर देती है. उन काम के अंदर खलल डालती है.
ये बिल पास होता तो तमिलनाडु, केरल, बंगाल और यूपी सभी की सीटें बढ़ती. लेकिन अपने स्वार्थ की वजह से इन पार्टियों ने अपने राज्यों के लोगों को भी धोखा दे दिया.
'बांटों और राज करो' की नीति कांग्रेस को अंग्रेजों से विरासत में मिली है. कांग्रेस ने हमेशा देश में दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी है.
नारी सब कुछ भूल जाती है, लेकिन अपनी बेइज्जती कभी नहीं भूलती. इसलिए, पार्लियामेंट में कांग्रेस और उसके साथियों के बर्ताव की कड़वाहट हर औरत के दिल में हमेशा रहेगी. जिन पार्टियों ने पार्लियामेंट में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध किया, वे औरतों की ताकत को हल्के में ले रही हैं.
कांग्रेस महिलाओं के अधिकारों पर ढाका डालती रही है.
कांग्रेस ये भी नहीं चाहती थी क्षेत्रीय दलों की ताकत बढ़े. इसलिए इस संशोधन का विरोध करवाकर अनेक क्षेत्रिय दलों के भविष्य को अंधकार में धकेलने की कोशिश की है.
कांग्रेस और उसके साथियों ने देश को गुमराह करने की कोशिश की. ऐसा करके उन्होंने नारी शक्ति के सामने अपना असली चेहरा सामने ला दिया है. मुखौटा उतार दिया है. मुझे आशा थी कि कांग्रेस अपनी दशकों पुरानी गलती सुधारेगी. लेकिन कांग्रेस ने इतिहास रचने का, महिलाओं के पक्ष में खड़े होने का अवसर खो दिया.
कांग्रेस को आरक्षण विषय से नफरत करती है. वह हमेशा ही महिला आरक्षण का विरोध करती रही है. पहले जितनी बार भी कोशिश हुई, कांग्रेस ने रोड़े अटकाएं हैं. इस बार भी कांग्रेस और उसके साथियों ने बिल को रोकने के लिए नए झूठों का सहारा लिया.
इस ईमानदार प्रयास की कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने पूरे देश के सामने संसद में भ्रूण हत्या कर दी. डीएमके, टीएमसी, कांग्रेस, सपा इसके जिम्मेदारी हैं. देश की नारी शक्ति के अपराधी हैं. ये संविधान के अपराधी हैं.
ये संशोधन समय की मांग है.
ये संशोधन नारी को भारत की विकास यात्रा में सहयात्री बनाने और सबको जोड़ने का प्रयास था. ये संशोधन समय की मांग है. ये उत्तर, दक्षिण, पूर्व पश्चिम सभी राज्यों की शक्ति समान वृद्धि का प्रयास था. इस संशोधन में सभी राज्यों की आवाज को अधिक शक्ति देने का प्रयास था.
बिल का विरोध करने की सजा जरूर मिलेगी
विपक्ष ने जो पाप इस बिल का विरोध करके किया है, उसकी सजा उन्हें जरूर मिलेगी.
पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश को संबोधित किया, उन्होंने अपने संबोधन में महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा. पीएम मोदी ने विपक्षी दलों को महिला विरोधी बताया है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत का हर एक नागरिक देख रहा है, कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया और उनके सपनों को कुचल दिया. हमारी पूरी कोशिश के बाद भी हम महिला आरक्षण का बिल पास कराने में कामयाब नहीं हो पाए.
साथ ही उन्होंने कहा कि देश की करोड़ों महिलाओं की नजर शुक्रवार को संसद की ओर थी. मुझे ये देखकर बहुत दुख हुआ, जब यह प्रस्ताव गिरा तो कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसी परिवारवादी पार्टियां तालियां बजा रही थीं. महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर मेज थपथपा रहे थे.
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