PM Modi on One Nation One Election 2024: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लाल किले की प्राचीर से एक राष्ट्र एक चुनाव (One Nation One Election) का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि चुनाव कराने में बहुत समय लगता है। ये प्रक्रिया काफी लंबे समय तक चलती है। मोदी सरकार ने इसे खत्म करके पूरे देश में एक चुनाव करवाने का लक्ष्य रखा है। इसे जल्द लागू करने के प्रयास किए जाएंगे। पीएम मोदी की इस स्पीच के बाद पूरे देश में एक बार फिर वन नेशन वन इलेक्शन की चर्चा होने लगी है। तो आइए जानते हैं कि आखिर ये क्या है और कैसे काम करने वाला है?
कोविंद कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट
वन नेशन वन इलेक्शन मोदी सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसके लिए सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की थी। कमेटी ने 18,000 पन्नों की रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपी है। इस रिपोर्ट में कमेटी ने कई सिफारिशें की हैं। कमेटी के अनुसार 47 राजनीतिक दलों में से 32 पार्टियों ने इस पर सहमति जताई है तो वहीं 15 पार्टियों ने इसका विरोध किया है।
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क्या है एक राष्ट्र एक चुनाव?
बता दें कि एक राष्ट्र एक चुनाव लागू होने की स्थिति में पूरे देश के लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक-साथ करवाए जाएंगे। वर्तमान व्यवस्था में हर पांच साल में लोकसभा चुनाव होते हैं, तो वहीं हर साल किसी ना किसी राज्य में विधानसभा चुनाव करवाए जाते हैं। इसी साल के अंत तक भी हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड और जम्मू कश्मीर में चुनाव होने वाले हैं। वहीं अगले साल बिहार समेत कई राज्यों में चुनाव है। केंद्र सरकार का कहना है कि साल में अलग-अलग चुनाव होने से विकास कार्य बाधित होते हैं। इसलिए पांच साल में एक बार सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव और देश में लोकसभा चुनाव साथ में होने चाहिए।
कैसे होगा लागू?
केंद्र सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए संविधान में संशोधन करना होगा। इसके लिए अनुच्छेद 83 (संसद के सदनों की अवधि), अनुच्छेद 172 (राज्य विधानमंडल की अवधि) और अनुच्छेद 325 (मतदाता सूची) में संशोधन करना होगा। इसके अलावा लोकसभा और विधानसभा का कार्यकाल बढ़ाने के साथ-साथ समय से पहले खत्म भी करना पड़ेगा। चुनाव आयोग ने पहले ही इसके लिए सहमति दर्ज करवा दी है।
देश में कब-कब हुए एकसाथ चुनाव?
हालांकि ये पहली बार नहीं है जब सरकार वन नेशन वन इलेक्शन पर जोर दे रही है। इससे पहले भी देश में 4 बार चुनाव एक-साथ हो चुके हैं। 1952, 1957, 1962 और 1967 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक-साथ करवाए गए थे। अभी भी लोकसभा चुनाव के साथ 3 राज्यों के विधानसभा चुनाव करवाए जाते हैं। इस लिस्ट में आंध्र प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम का नाम शामिल है।
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