प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मुंबई में वेव्ज समिट का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि एक साथ ही एक ही छत के नीचे आज हम इकट्ठा हुए हैं। पीएम ने कहा कि आज यहां पर ग्लोबल टैलेंट और ग्लोबल क्रिएटिविटी और इकोसिस्टम की नींव रखी जा रही है। ये समिट वास्तव में एक वेव है। ये वेव है कल्चर की, कनेक्टिविटी की। वेव एक ऐसा ग्लोबल प्लेटफॉर्म है जो आपके जैसे हर आर्टिस्ट का है। जहां पर हर कलाकार, हर युवा एक नए आइडिया के साथ क्रिएटिव वर्ल्ड के साथ जुड़ेगा। इस ऐतिहासिक और शानदार शुरूआत के लिए जुटे मैं सभी महानुभावों को बधाई देता हूं।
वैष्णव जन को दुनियाभर के आर्टिस्ट ने गाया
पीएम ने कहा कि आज 1 मई है। आज से ठीक 112 साल पहले 3 मई 1913 को भारत में पहली फीचर फिल्म राजा हरिश्चंद्र रिलीज हुई थी। यह फिल्म दादा साहब फाल्के ने बनाई थी, कल ही उनकी जयंती थी। पीएम मोदी ने आगे कहा भारतीय सिनेमा ने भारत को दुनिया के कोने-कोने में ले जाने की सफलता पाई है। पीएम ने गांधीजी के भजन वैष्णव जन को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि मैंने गांधीजी की 150वीं जयंती पर लोगों को उनके प्रिय भजन गाने को कहा। इस पर दुनियाभर के आर्टिस्ट ने इसे गाया।
यह समिट पहले पल से चमकने लगी है
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि आज उसी समय की कल्पना हकीकत बनकर वेव्स के तौर पर जमीन पर उतरी है। जैसे सूरज उगते ही आकाश को रंग देता है वैसे ही यह समिट पहले पल से ही चमकने लगी है। पीएम ने कहा कि आप सभी का प्रयास आने वाले सालों में वेव्स को नई ऊंचाई देगा। मेरा सभी साथियों से आग्रह है कि जैसे आपने पहले समिट की हैंडहोल्डिंग की है, वो आगे भी जारी रहेगी। अभी तो वेव्स में कई लहरें आना बाकी हैं। हमें जुटे रहना हैं और जन-जन के मन तक पहुंचना है।
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पीएम ने कहा कि हमारे पास बहुत कुछ है। इसलिए मैं तो कहता हूं कि यही समय है, सही समय है। ये क्रिएट इन इंडिया और क्रिएट फॉर वर्ल्ड के लिए सही समय है। आज दुनिया में स्टोरी टैलिंग के लिए नए तरीके खोजे जा रहे हैं तब भारत के पास अपनी हजारों वर्षों की पुरानी विरासत है, जिसमें लाखों कहानियां है।
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