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Post Budget Webinar: पीएम मोदी बोले- सरकारी कार्यों और याजनाओं की सफलता के लिए ‘गुड गवर्नेंस’ अनिवार्य शर्त

Post Budget Webinar: प्रधानमंत्री मोदी ने आज पोस्ट बजट वेबिनार को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में हमने गरीबों के घर के लिए 80 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। हमें housing for all की मुहिम को तेजी से आगे बढ़ाना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि ये परंपरा रही […]

PM modi, post budget webinar
Post Budget Webinar: प्रधानमंत्री मोदी ने आज पोस्ट बजट वेबिनार को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में हमने गरीबों के घर के लिए 80 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। हमें housing for all की मुहिम को तेजी से आगे बढ़ाना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि ये परंपरा रही है कि बजट के बाद, बजट के संदर्भ में संसद में चर्चा होती है, लेकिन हमारी सरकार बजट पर चर्चा को एक कदम आगे लेकर गई है। बीते कुछ वर्षों से हमारी सरकार ने बजट बनाने से पहले भी और बाद भी सभी स्टेकहोल्डर से गहन मंथन की नई परंपरा शुरू की है। किसी भी सरकारी नीति या कार्यक्रम की सफलता की पहली शर्त सुशासन है। और पढ़िए – सोनिया गांधी की रिटायरमेंट वाली खबरों पर लगा विराम, अलका लांबा बोलीं- उन्होंने न इस बारे में सोचा, न कभी ऐसा करेंगी

पीएम बोले- देशवासियों के विकास के लिए धन के साथ मन की भी जरूरत

पीएम मोदी ने कहा कि शासन संवेदनशील और समर्पित होना चाहिए। जब कार्यों की उचित निगरानी होती है, तो उनकी दक्षता और समय पर पूरा होना अत्यधिक संभव हो जाता है। हमारे देश में एक पुरानी अवधारणा रही है कि लोगों का कल्याण और देश का विकास सिर्फ धन से ही होता है। पीएम ने कहा कि देश और देशवासियों के विकास के लिए धन तो जरूरी है ही लेकिन धन के साथ ही मन भी चाहिए। सरकारी कार्यों और सरकारी योजनाओं की सफलता की अनिवार्य शर्त है सुशासन, संवेदनशील शासन, जन सामान्य को समर्पित शासन। जब सरकार के काम औसत दर्जे का होते हैं, उसकी निरंतर मॉनीटरिंग होती है तो उसके वांछित परिणाम भी मिलते हैं।

पीएम मोदी ने कहा- जिस दिन हम ठान लेंगे...

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिस दिन हम ठान लेंगे कि हर मूलभूत सुविधा, हर क्षेत्र में, हर नागरिक तक पहुंचाकर ही रहेंगे, तो देखिएगा कितना बड़ा परिवर्तन स्थानीय स्तर पर कार्य-संस्कृति में आता है। सैचुरेशन की नीति के पीछे यही भावना है। अगर हमने पुराने दृष्टिकोण के साथ काम करना जारी रखा होता, तो हमारे कोविड टीकाकरण अभियान की सफलता में कई दशक लग जाते, लेकिन कुशल और सुशासन के हमारे नए दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप इसकी सफलता के लिए रिकॉर्ड तोड़ कम समय लग गया है। और पढ़िए – राहुल गांधी बोले- लाल चौक पर मेरा तिरंगा फहराना, पीएम मोदी से अलग

पीएम बोले- देश के आखिरी छोर तक इस मंत्र को ले जाने की जरूरत

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में जो आदिवासी क्षेत्र हैं, ग्रामीण क्षेत्र हैं, वहां आखिरी छोर तक Reaching The Last Mile के मंत्र को ले जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस साल के बजट में भी इस पर विशेष ध्यान दिया गया है। 𝐑𝐞𝐚𝐜𝐡𝐢𝐧𝐠 𝐓𝐡𝐞 𝐋𝐚𝐬𝐭 𝐌𝐢𝐥𝐞 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए बजट में हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि 2019 तक हमारे देश के ग्रामीण इलाकों में सिर्फ 3 करोड़ घरों में ही नल से जल जाता था,अब इनकी संख्या बढ़ कर 11 करोड़ से अधिक हो चुकी है। एक साल में ही 60,000 अमृत सरोवर का काम शुरू हुआ और अब तक 30,000 से अधिक बन चुके हैं। यह अभियान दूर-सुदूर लोगों का जीवन सुधार रहे, जो सालों से ऐसी व्यवस्था का इंतज़ार कर रहे थे। यदि हम स्कूल स्तर पर ही स्टार्टअप्स और डिजिटल मार्केटिंग के लिए संबद्ध कार्यशालाओं को सुनिश्चित करते हैं, तो हमें निश्चित रूप से उत्कृष्ट परिणाम मिलेंगे। और पढ़िए – देश से जुड़ी अन्य बड़ी ख़बरें यहाँ पढ़ें


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