CBSE Paper Leak के आरोपों पर क्या बोले अलख पांडे? देखें Physics Wallah का इंटरव्यू

Physics Wallah Exclusive Interview: फिजिक्स वाला के फाउंडर ने हाल ही में न्यूज 24 से खास बातचीत के दौरान CBSE पेपर लीक के आरोपों पर बड़ी बात कही है। साथ ही अलख पांडे ने CBSE से एक रिक्वेस्ट भी की है। चलिए इसके बारे में जानें…

Physics Wallah Exclusive Interview

Physics Wallah Exclusive Interview: फिजिक्स वाला के फाउंडर अलख पांडे ने हाल ही में CBSE बोर्ड एग्जाम को लेकर उन पर लगे पेपर लीक के आरोपों पर जवाब दिया है। न्यूज 24 से खास बातचीत में उन्होंने इन आरोपों को खारिज किया और इस पूरे मामले पर अपना पक्ष भी रखा है। पेपर लीक पर बात करते हुए अलख पांडे ने कहा कि “नहीं, ऐसा कुछ नहीं हुआ है।” उन्होंने बताया कि परीक्षा के दिन, वह एक स्कूल के बाहर स्टूडेंट्स से उनके पेपर के बारे में बात करने गए थे। वहां एक स्टूडेंट ने उनसे कहा कि पूरा पेपर उन्हीं के पढ़ाए गए टॉपिक्स से मैच करता है, लेकिन अलख पांडे ने इसे महज एक संयोग बताया है और पेपर लीक की बात से इनकार किया है।

यही नहीं इंटरव्यू के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि “CBSE का सिलेबस बहुत बड़ा नहीं है। अगर आप पिछले साल के क्वेश्चन का एनालिसिस करें, तो संभावित सवालों का अनुमान लगाया जा सकता है।” उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने परीक्षा से चार दिन पहले संभावित सवालों पर स्टूडेंट्स को गाइड किया था और संयोग से वही सवाल एग्जाम में आ गए।

‘दूसरी दुनिया का हैकर’

उनके इस एक्यूरेट अनुमान के बाद कई स्टूडेंट्स ने वायरल वीडियो में उन्हें ‘दूसरी दुनिया का हैकर’ तक कह दिया है। इस पर भी उन्होंने हंसते हुए जवाब दिया कि “बच्चे सिर्फ मजाक कर रहे हैं। वे 10th क्लास में हैं, लगभग 16 साल के हैं, हमें उनकी बातों को हल्के में लेना चाहिए।” यही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि हर सेट में उनके बताए गए सभी क्वेश्चन नहीं आए। कुछ सवाल चेंज करके पूछे गए थे, तो कुछ सेट में उनके अनुमानित सवाल आए ही नहीं।

अलख पांडे की CBSE से रिक्वेस्ट

इसके अलावा अलख पांडे ने CBSE से रिक्वेस्ट की है कि परीक्षा के सवालों के सेट को लेकर स्टूडेंट्स के हित में बदलाव किए जाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि JEE Mains की तरह CBSE बोर्ड में भी डिफीकल्टी लेवल के बेस पर पर्सेंटाइल सिस्टम लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि कभी-कभी सवाल सिमिलर दिखते हैं, लेकिन एक साइंस स्टूडेंट को लगता है कि एक आसान है और दूसरा मुश्किल है। ऐसे में कठिन सेट पाने वाले स्टूडेंट नुकसान में रहते हैं। JEE Mains में यह समस्या पहले से हल कर दी गई है, जहां कठिनाई के बेस पर पर्सेंटाइल सिस्टम लागू किया जाता है। अब CBSE को भी इसे अपनाना चाहिए।

देखें Physics Wallah का इंटरव्यू

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