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60 हजार से एक लाख तक...सांसदों को निलंबन से कितना नुकसान, वेतन और भत्तों के नाम पर क्या मिलेगा?

Parliament Members Suspension Effect: निलंबित सांसदों की संख्या बढ़कर 143 हो गई है, लेकिन निलंबन से सांसदों के वेतन और भत्तों पर क्या असर पड़ेगा, जानिए।

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Parliament Members Suspension

Parliament Members Benefit Or Loss Due To Suspension: संसद की सुरक्षा में हुई चूक के मुद्दे पर हंगामा करने पर दोनों सदनों से विपक्ष के 143 सांसद बाकी के पूरे सेशन के लिए निलंबित कर दिए गए हैं। इसमें लोकसभा के 97 और राज्यसभा के 46 सांसद हैं। निलंबित सांसदों पर वेल में आकर तख्तियां दिखाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने का आरोप है। कार्रवाई करते हुए लोकसभा स्पीकर और राज्य सभापति ने सांसदों को सस्पेंड कर दिया। साथ ही एक नोटिस जारी किया। इसमें लिखा है कि निलंबन के दौरान सांसद संसद रूम, लॉबी और वेल में नहीं आ पाएंगे। संसदीय समितियों की बैठकों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। उनके द्वारा दिया गया कोई भी नोटिस स्वीकार नहीं होगा। वे समितियों के चुनाव में मतदान नहीं कर सकेंगे। सांसद निलंबन की अवधि के दौरान दैनिक भत्तों के हकदार नहीं होंगे, लेकिन सैलरी पूरी मिलेगी। इससे एक सांसद को 60 से एक लाख रुपये तक का नुकसान होगा।

 

सांसदों को नियम 256 के तहत सस्पेंड किया गया

संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने निलंबिन प्रस्ताव रखा था, जो ध्वनि मत से पारित हुआ। लोकसभा स्पीकर ने सांसदों को सांसद नियमावली के नियम 373, 374 और 374ए के तहत सस्पेंड किया है। राज्य सभापति ने नियमावली के नियम 255 और 256 के अनुसार कार्रवाई की है। दोनों सदनों में अगर सांसद का व्यवहार किसी भी तरीके से आपत्तिजनक लगता है तो स्पीकर और सभापति सांसदों को निलंबित कर सकते हैं। संसद के इतिहास में अब से पहले सबसे बड़ा निलंबन लोकसभा में साल 1989 में हुआ था। उस समय पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या पर ठक्कर कमीशन की रिपोर्ट को लेकर सांसदों ने हंगामा किया था। तब 63 सांसदों को एक साथ सस्पेंड कर दिया गया था। वहीं अगर सांसद अपने कृत्य के लिए माफी मांग लेते हैं तो स्पीकर और सभापति सस्पेंशन रद्द कर सकते हैं। सांसदों के संस्पेंशन के खिलाफ प्रस्ताव सदन में लाया जा सकता है। अगर प्रस्ताव पास हो जाए तो निलंबन खुद हट जाता है, लेकिन सस्पेंशन को कोर्ट में चैलेंज नहीं किया जा सकता है। वहीं संसद में एंट्री करते समय एंट्री रजिस्टर पर साइन भी नहीं कर पाएंगे।

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सस्पेंड किए गए प्रमुख सांसद

  • नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद फारूक अब्दुल्ला
  • कांग्रेस सांसद शशि थरूर, मनीष तिवारी, कार्ति चिदंबरम
  • समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव
  • NCP सांसद की सुप्रिया सुले
  • DMK सांसद एस जगतरक्षकन, डीएनवी सेंथिल कुमार
  • जदयू के सांसद गिरिधारी यादव

यह भी पढ़ें: निलंबित सांसदों के पास अब आगे क्या विकल्प? Parliament Session में सस्पेंड हो चुके हैं 141 मेंबर्स

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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