Parakram Diwas 2023: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 21 गुमनाम द्वीपों के नाम परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अंडमान वह भूमि है जहां पहली बार तिरंगा फहराया गया था और जहां पहली बार स्वतंत्र भारत की सरकार बनी थी। और पढ़िए –परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखे द्वीपों के नाम, बॉलीवुड एक्टर्स बोले- बलिदान और बहादुरी को सलाम प्रधानमंत्री मोदी परमवीर चक्र पुरस्कार विजेताओं के नाम पर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 21 द्वीपों के नाम रखे। कार्यक्रम को प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअली संबोधित किया। और पढ़िए –Rahul Gandhi Marriage: राहुल गांधी कब करेंगे शादी? जानें इस सवाल का कांग्रेस सांसद ने क्या दिया जवाब

इन परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखे द्वीपों के नाम

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर पराक्रम दिवस

पीएम मोदी ने कहा कि अंडमान की यह भूमि वह भूमि है जहां पहली बार तिरंगा फहराया गया था। जहां पहली बार स्वतंत्र भारत की सरकार बनी थी। आज नेताजी सुभाष बोस की जयंती है। देश इस दिन को पराक्रम दिवस के रूप में मनाता है। पीएम मोदी ने ये भी कहा कि वीर सावरकर और देश के लिए लड़ने वाले कई अन्य नायकों को अंडमान की इस धरती पर कैद किया गया था। उन्होंने कहा, "वीर सावरकर और देश के लिए लड़ने वाले कई अन्य नायकों को अंडमान की इस भूमि में कैद किया गया था। जब मैं 4-5 साल पहले पोर्ट ब्लेयर गया था, तो मैंने वहां के 3 मुख्य द्वीपों को भारतीय नाम समर्पित किए थे।" और पढ़िए –‘1000 का खाना 200 रुपये में’, Zomato डिलीवरी बॉय ने ग्राहक को बताई ट्रिक

पीएम बोले- नेताजी का स्मारक अधिक देशभक्ति का संचार करेगा

वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में नेताजी का स्मारक अब लोगों के दिलों में और अधिक देशभक्ति का संचार करेगा। पीएम मोदी ने कहा, "मैं नेताजी सुभाष और परमवीर चक्र पुरस्कार विजेताओं को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। वह भूमि, जहां नेता जी ने सबसे पहले भारत का झंडा फहराया था, आज आजाद हिंद फौज के पराक्रम की सभी प्रशंसा कर रहे हैं।" अंडमान में जिस जगह पर नेताजी ने सबसे पहले तिरंगा फहराया था, वहां आज गगनचुंबी तिरंगा आजादी हिंद फौज के पराक्रम का गुणगान कर रहा है। बता दें कि 23 जनवरी, 1897 को जन्मे नेताजी ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज की स्थापना की। जबकि 18 अगस्त, 1945 को ताइपे में एक विमान दुर्घटना में बोस की मौत पर विवाद है, केंद्र सरकार ने 2017 में एक आरटीआई (सूचना का अधिकार) में पुष्टि की थी कि इस घटना में उनकी मृत्यु हो गई थी। और पढ़िए –देश से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें