हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

Paper Leak Case: तेलंगाना भाजपा चीफ बंदी संजय कुमार को मिली जमानत, करीमनगर जेल से हुए रिहा

विज्ञापन

Paper Leak Case: तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष बंदी संजय को हिंदी एसएससी पेपर लीक मामले में जमानत मिल गई है। शुक्रवार सुबह करीमनगर जेल से उन्हें रिहा किया गया। बंदी संजय के वकील एडवोकेट श्याम सुंदर रेड्डी ने बताया कि तेलंगाना भाजपा प्रमुख को पुलिस ने करीमनगर में उनके आवास से हिरासत में लिया था।

एडवोकेट रेड्डी ने कहा, “अदालत ने हमारे अनुरोध को स्वीकार कर लिया है और बंदी संजय को जमानत दे दी गई। शुक्रवार सुबह रिहाई आदेश प्रस्तुत करने के बाद उन्हें करीम नगर जेल से रिहा कर दिया जाएगा।” एडवोकेट ने बताया कि अदालत ने शर्त रखी है कि वे बिना अनुमति के भारत से बाहर नहीं जा सकते हैं।

और पढ़िए – सिसोदिया का जेल से पीएम मोदी पर निशाना, कहा- भारत की प्रगति के लिए प्रधानमंत्री का शिक्षित होना जरूरी

संजय समेत 3 लोगों को 19 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजा था

इससे पहले बुधवार को एसएससी पेपर लीक मामले में बंदी संजय सहित तीन अन्य को 19 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्य के दौरे से पहले बंदी संजय कुमार को मंगलवार आधी रात के बाद करीमनगर स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया।

विज्ञापन

इससे तनावपूर्ण माहौल बन गया और बंदी संजय के समर्थकों के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस को रोकने की कोशिश की। गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए, तेलंगाना भाजपा प्रमुख बंदी संजय कुमार के कार्यालय ने कहा कि एसएससी पेपर लीक मामले में बंदी संजय की हिरासत पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है और पूरा प्रकरण स्पष्ट साजिश है।

कहा गया कि बंदी संजय की हिरासत पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है। बीआरएस सरकार धीरे-धीरे जनता के बीच अपनी विश्वसनीयता खो रही है इसलिए वे ऐसे स्टंट कर रहे हैं। यह पेपर लीक बीआरएस सरकार की विफलता है। बंदी संजय कुमार के कार्यालय के एक अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल और नौकरी की परीक्षाओं के संबंध में तेलंगाना सरकार की हालिया विफलताओं को छिपाने के लिए उन्हें हिरासत में लिया गया है।

विज्ञापन
और पढ़िए – Today’s Latest News, 7 April 2023: कहां क्या हुआ? यहां पढ़िए लोकल और देश की हर छोटी-बड़ी जरूरी खबर

पेपर लीक केस क्या है?

दरअसल, विकराबाद और कमलापुर में 10वीं के पेपर लीक का मामला आया था। FIR के मुताबिक, कमलापुर में कुछ अज्ञात लोगों ने एग्जाम सेंटर के बाहर छात्रों से क्वेश्चन पेपर लिया और मोबाइल से उसकी फोटो लेकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। वहीं, विकराबाद में भी 10वीं के एग्जाम के शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही तेलुगू भाषा के पेपर की फोटो ली और उसे किसी दूसरे को भेज दिया, ताकि चीटिंग के लिए जवाब तैयार किया जा सके।

और पढ़िए – देश से जुड़ी अन्य बड़ी ख़बरें यहाँ पढ़ें

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola