मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और हॉर्मुज जलडमरूमध्य की बाधा के बीच भारत के कई राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहें तेजी से फैल गई हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हुए गलत संदेशों की वजह से मध्य प्रदेश और गुजरात के कई शहरों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. इंदौर, आगर मालवा और मंदसौर से लेकर गुजरात के अहमदाबाद और राजकोट तक लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के लिए टूट पड़े. लोग केवल गाड़ियों में ही नहीं, बल्कि ड्रम, केन और बोतलों में भी ईंधन भरकर ले जाने लगे. इस भारी भीड़ की वजह से कई पंपों पर स्टॉक समय से पहले ही खत्म हो गया, जिसके बाद संचालकों को मजबूरी में पंप बंद करने पड़े.

मध्य प्रदेश के मालवा में बेकाबू हुए हालात

इंदौर और मालवा क्षेत्र में मंगलवार सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर डरावना नजारा देखने को मिला. इंदौर में करीब तीन दर्जन पंपों पर इतनी भीड़ जुटी कि लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा और कई जगह ग्राहकों की कर्मचारियों से बहस भी हुई. आगर मालवा में तो किसान ट्रैक्टरों पर बड़े-बड़े ड्रम लेकर पहुंच गए और वहां एम्बुलेंस तक को लाइन में लगना पड़ा. मंदसौर और नीमच में भी जरूरत से ज्यादा तेल खरीदने की होड़ मच गई. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ पंप मालिकों ने अपने डिस्प्ले बोर्ड को काले कपड़े से ढक दिया ताकि लोग और ज्यादा संख्या में वहां न जमा हों.

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गुजरात के बड़े शहरों में देर रात तक हंगामा

अफवाहों की यह आग गुजरात के अहमदाबाद से शुरू होकर देखते ही देखते वडोदरा, गांधीनगर, सूरत और राजकोट तक फैल गई. ऑफिस से घर लौटते समय लोग सीधे पेट्रोल पंपों की ओर मुड़ गए, जिससे देर रात तक सड़कों पर जाम और अफरा-तफरी मची रही. सरकार और तेल कंपनियों ने लिखित में भरोसा दिया कि सप्लाई में कोई कमी नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया के मैसेज का डर लोगों पर भारी पड़ा. राजकोट में तो स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पेट्रोल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करानी पड़ी क्योंकि उन पर झूठी जानकारी फैलाकर दहशत पैदा करने का आरोप लगा.

प्रशासन का सख्त रुख और जनता से अपील

बढ़ते पैनिक को देखते हुए प्रशासन ने अब कड़ा रुख अपनाया है. इंदौर और आगर मालवा के कलेक्टरों ने स्पष्ट किया है कि जिलों में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और डिपो से सप्लाई लगातार जारी है. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे पैनिक खरीदारी करके व्यवस्था को न बिगाड़ें. सरकार ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाएगा या तेल की कालाबाजारी करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने भी जनता से शांति बनाए रखने और केवल जरूरत के हिसाब से ही ईंधन खरीदने की गुजारिश की है.