पहलगाम हमले के बाद ‘बूढ़ा अमरनाथ मंदिर’ पर क्या असर; जानें क्या बोले पुजारी?
Author: Pooja Mishra
May 02, 2025 12:18 PM IST
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का असर अब टूरिस्ट प्लेस के साथ-साथ धार्मिक स्थलों पर भी दिखने लगा है। आतंकी हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई है। जहां पिछले कुछ दिनों से वैष्णो देवी की यात्रा में गिरावट देखी जा रही है, वहीं पुंछ के प्राचीन बूढ़ा अमरनाथ मंदिर भी पहलगाम हमले के बाद से अभी तक वीरान पड़ा हुआ है। इसके अलावा, जम्मू रीजन के फेमस टूरिस्ट प्लेस पटनीटॉप, नथाटॉप और सनासर में भी पर्यटकों की संख्या कम हो गई है।
खाली पड़ा प्राचीन मंदिर
पुंछ के जिस मंदिर में पूरे साल भक्तों की भीड़ लगी रहती थी, आतंकी हमले के बाद वह मंदिर खाली पड़ा हुआ है। हम पुंछ के प्राचीन बूढ़ा अमरनाथ मंदिर की बात कर रहे हैं। इस मंदिर में पहले सैंकड़ों श्रद्धालु बाबा बूढ़ा अमरनाथ के दर्शनों के लिए आते थे। इस घटना के बाद अब मंदिर में कोई भक्त नहीं पहुंच पा रहा है।
क्या बोले मंदिर के पुजारी
मंदिर के पुजारी का कहना है कि यहां पहले भक्तों की भीड़ इतनी होती थी कि लोगों को बाबा के दर्शन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। आज हम श्रद्धालुओं और पर्यटकों की राह देख रहे हैं। पंडित ने कहा कि नियम से मंदिर के कपाट खोले जाते हैं और सुबह-शाम आरती की जाती है। लेकिन अब इस मंदिर में कोई नहीं आता है। उन्होंने बताया कि यह मंदिर 12 महीने खुला रहता है। बता दें कि पहले जो लोग कश्मीर जाते थे, वह पुंछ में स्थित बूढ़ा अमरनाथ मंदिर में बाबा के दर्शन जरूर करते थे।
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जिंदा है उम्मीद
उम्मीद की जा रही है कि अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले इस मंदिर में फिर भक्तों की भीड़ बाबा के दर्शन करने पहुंचेगी। मालूम हो कि इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2025 को शुरू होगी और 9 अगस्त 2025 तक चलेगी। इस बार यह यात्रा 39 दिनों तक चलेगी।