Dr. Subbanna Ayyappan: डॉ. सुब्बान्ना अय्यप्पन को 'नीली क्रांति' के लिए 2022 में पद्मश्री पुरस्कार दिया गया। उन्होंने मछली पालने की खास तकनीक विकसित की थी, जिससे पूरे भारत में मछली पालने के तरीकों को ही बदल दिया। नीली क्रांति लाने वाले डॉ. सुब्बान्ना अय्यप्पन का शव अब कावेरी नदी में मिला है। दरअसल, अय्यप्पन पिछले 6 दिनों से गायब थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह 7 मई से ही घर से लापता हो गए थे। फिलहाल इस मामले में श्रीरंगपटना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है।
कौन थे डॉ. सुब्बान्ना अय्यप्पन?
डॉ. सुब्बान्ना अय्यप्पन का जन्म चामराजनगर जिले के यलांदूर में हुआ। 1975 में मंगलुरु से मत्स्य विज्ञान में ग्रेजुएशन (BFSC) और 1977 में मत्स्य विज्ञान में मास्टर ऑफ साइंस (MFSC) की डिग्री ली। इसके बाद 1998 में बेंगलुरु के कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय से PhD की डिग्री ली। डॉ. सुब्बान्ना अय्यप्पन मशहूर वैज्ञानिक थे, जिन्होंने 'नीली क्रांति' में अहम योगदान निभाया। इसके उनको 2022 में पद्मश्री पुरस्कार भी दिया गया था।
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अय्यप्पन ने मत्स्य पालन की आधुनिक तकनीक विकसित की थी, जिससे लोगों को मछली पालने के नए तरीके मिले। साथ ही खाद्य सुरक्षा को भी मजबूत किया। एग्रीकल्चर रिसर्च के अलावा, उन्होंने कई संस्थानों का भी निर्माण किया है। वहीं, इंफाल में केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (CAU) के कुलपति के तौर पर भी काम कर चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉ. सुब्बान्ना अय्यप्पन अपनी पत्नी के साथ मैसूर में रह रहे थे। अय्यप्पन की दो बेटियां भी हैं।