SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर सामने आई नोटिस लिस्ट में कई चर्चित लोगों के नाम दिखाई दे रहे हैं. खबरों के अनुसार, अलग-अलग नामों को नोटिस जारी किए जाने की अलग-अलग वजह बताई गई है. कहीं मतदाता रिकॉर्ड में नाम की स्पेलिंग अलग मिली है, तो कहीं पुराने SIR रिकॉर्ड से मौजूदा जानकारी का मिलान नहीं हो पाया है. कुछ मामलों में रिकॉर्ड में लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी का भी जिक्र किया गया है. SIR के तहत मतदाता रिकॉर्ड की जांच और पुराने दस्तावेजों से मिलान किया जा रहा है. किसी तरह का अंतर मिलने पर संबंधित व्यक्ति से रिकॉर्ड को स्पष्ट करने या जरूरी सत्यापन पूरा करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है.
एसएस संधू को स्पेलिंग में अंतर को लेकर भेजा नोटिस
नोटिस लिस्ट में चुनाव आयुक्त एसएस संधू का नाम भी शामिल है. उनके मामले में नाम की स्पेलिंग में अंतर को नोटिस का आधार बताया गया है. यानी उपलब्ध रिकॉर्ड में दर्ज नाम और दूसरे दस्तावेजों में मौजूद नाम की स्पेलिंग एक जैसी नहीं मिली है. ऐसी स्थिति में नोटिस का उद्देश्य रिकॉर्ड में मौजूद अंतर को स्पष्ट कराना होता है. इसे सीधे तौर पर मतदाता की पात्रता पर सवाल या नाम हटाए जाने की कार्रवाई के रूप में नहीं देखा जा सकता.
एस जयशंकर और उनकी पत्नी का नाम भी शामिल
विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनकी पत्नी केएस जयशंकर के नाम भी नोटिस लिस्ट में बताए गए हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों नाम चुनावी रिकॉर्ड के सत्यापन के दौरान सामने आए हैं. SIR प्रक्रिया में पुराने और मौजूदा रिकॉर्ड का मिलान किया जाता है. यदि किसी जानकारी में अंतर मिलता है तो संबंधित व्यक्ति से दस्तावेज या अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा जा सकता है.
कपिल सिब्बल और विक्रम मिसरी का नाम पुराने रिकॉर्ड से नहीं हुआ मैप
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और सांसद कपिल सिब्बल के साथ विदेश सचिव विक्रम मिसरी का नाम भी लिस्ट में है. इनके मामलों में पिछली SIR लिस्ट के रिकॉर्ड से नाम का मिलान नहीं होने की वजह बताई गई है. पुराने मतदाता रिकॉर्ड से मौजूदा जानकारी को जोड़ना SIR की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है. अगर किसी नाम का पुराने रिकॉर्ड से सीधा मिलान नहीं होता है तो उसके सत्यापन के लिए आगे की प्रक्रिया की जा सकती है.
प्रतिभा आडवाणी और केजरीवाल परिवार के नाम भी
नोटिस लिस्ट में पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की बेटी प्रतिभा आडवाणी का नाम भी शामिल है. इसके अलावा दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार से जुड़े नामों भी शामिल हैं. लिस्ट में सार्वजनिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं.
SIR लिस्ट में नोटिस का क्याr नाम आने का क्या मतलब है?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दौरान वोटर लिस्ट में दर्ज जानकारी को पुराने रिकॉर्ड और उपलब्ध दस्तावेजों से मिलाया जाता है. इस दौरान नाम की स्पेलिंग में अंतर, पुराने रिकॉर्ड से जानकारी का मेल न खाना या किसी अन्य तरह की गलती सामने आने पर नोटिस जारी किया जा सकता है.