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I.N.D.I.A. की बैठक में न शामिल होने को लेकर नीतीश कुमार ने तोड़ी चुप्पी, बोले- बुखार था, गठबंधन में अस्थिरता नहीं

अगले साल होने वाले आम चुनाव के लिए कांग्रेस की ओर से बुलाई गई विपक्षी नेताओं की बैठक में कई शीर्ष चेहरों ने शामिल न होने का फैसला किया था। इसे लेकर विपक्ष में अनबन होने की अटकलें लगाई जा रही थीं।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)
पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक दलों की नजर अब अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव पर है। इसे लेकर विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I.A. (इंडिया) में शामिल पार्टियों के नेताओं की बुधवार यानी आज बैठक बुलाई गई थी। हालांकि कई नेताओं के बैठक में शामिल न होने की खबरें आईं थीं जिसके बाद बैठक को रद करने का फैसला लिया गया था। इन नेताओं में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम भी शामिल था। लेकिन आज नीतीश कुमार ने इस बात से इनकार किया है कि उन्होंने बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि मुझे बुखार था इसलिए मैं बैठक में नहीं जा सकता था और अगली बैठक में मैं जरूर शामिल होऊंगा।

गठबंधन में अस्थिरता की अटकलें की खारिज

विपक्षी गठबंधन में अस्थिरता के अनुमानों को खारिज करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि ऐसी चर्चाएं थीं कि मैं इस बैठक में नहीं जाऊंगा। यह बकवास है। मुझे उस समय बुखार था। अगली बैठक जब भी होगी मैं उसका हिस्सा जरूर बनूंगा। ये भी पढ़ें: बीजेपी के 10 सांसदों ने दिया इस्तीफा, दो केंद्रीय मंत्री भी शामिल, क्या है वजह? कांग्रेस की योजना आगामी आम चुनाव की रणनीति बनाने के लिए I.N.D.I.A. गठबंधन की बैठक करने की थी। लेकिन नीतीश कुमार समेत तीन गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों के शामिल न होने की खबरों से उसकी यह तैयारी धरी की धरी रह गई। नीतीश के साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी के मुखिया व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बैठक में शामिल न होने का फैसला किया था। इसके बाद कांग्रेस ने एलान किया था कि बुधवार को इसके स्थान पर 28 पार्टियों के इस संगठन के संसदीय नेताओं की समन्वय बैठक होगी। ये भी पढ़ें: तीन राज्यों में BJP की जीत के बाद विरोधी पार्टियां उठा रही EVM पर सवाल; मांग-बैलट पेपर से हों चुनाव

पहले सीटों का बंटवारा चाहते हैं विपक्षी नेता

ममता बनर्जी ने इसके पीछे बैठक की कोई जानकारी न होने की बात कही थी। वहीं अखिलेश यादव ने कहा था कि हाल ही में हुए चुनावों के परिणाम इंडिया गठबंधन को मजबूत करने का काम करेंगे। भाजपा को चिंतित होना चाहिए क्योंकि जनता परिवर्तन लाने के मूड में है। अखिलेश यादव ने साफ संदेश दिया है कि पहले सीटों का बंटवारा होगा फिर आगे की रणनीति तय होगी।


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