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क्या भाजपा मुस्लिम समुदाय को बना रही निशाना, ओवैसी से कैसी है दोस्ती? निशिकांत दुबे ने दिया ये जवाब

BJP MP Nishikant Dubey: झारखंड की गोड्डा लोकसभा सीट से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। दुबे का बयान एक बार फिर से चर्चा का विषय बना हुआ है। ANI पॉडकास्ट में बात करते हुए निशिकांत दुबे ने कई सवालों के जवाब दिए।

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भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पॉडकास्ट में कई मुद्दों पर दिया जवाब।

झारखंड के गोड्डा लोकसभा से सांसद निशिकांत दुबे अपने बयानों को लेकर आए दिन सुर्खियों में रहते हैं। इसी बीच न्यूज एजेंसी एएनआई के पॉडकास्ट में एडिटर स्मिता प्रकाश के साथ बातचीत में निशिकांत दुबे ने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। पॉडकास्ट के दौरान निशिकांत दुबे से सवाल किया गया कि क्या भाजपा मुस्लिम समुदाय को निशाना बना रही है? ओवैसी से आपकी कैसी दोस्ती है? इन सभी सवालों का निशिकांत दुबे ने बेबाकी से जबाव दिया।

क्या कहा निशिकांत दुबे ने?

पॉडकास्ट के दौरान निशिकांत दुबे से सवाल किया गया कि विपक्ष का कहना है कि आप लोग  बांग्लादेश के नाम पर लोगों को टॉर्चर कर रहे हैं ताकि वो वोट देने से थोड़ा परहेज करें और आप लोगों का जो एक कोर वोट बैंक है वो अफेक्ट ना हो। इलेक्शन कमीशन पे भी आरोप लग रहा है कि वो गोदी कमीशन बन गया है। लगातार विपक्ष ये बोल रहा है कि इलेक्शन कमीशन का इस्तेमाल किया जा रहा है। चाहे वो बिहार हो या बंगाल हो या जो भी राज्य हो इलेक्शन कमीशन को मिसयूज किया जा रहा है तो क्या भाजपा मुस्लिम समुदाय को निशाना बना रही है?

इस सवाल के जवाब में निशिकांत दुबे ने कहा कि ‘इलेक्शन कमीशन एक स्वतंत्र इकाई है। अपने दिल से जानिए पराए दिल का हाल। कई इलेक्शन कमिश्नर ऐसे हैं। रिसेंटली एमएस गिल उसके सबसे बड़े उदाहरण हैं, जो चीफ इलेक्शन कमिश्नर हुए और कांग्रेस ने उनको मंत्री तक बना दिया। हमने आज तक किसी इलेक्शन कमिश्नर को सांसद नहीं बनाया, मंत्री नहीं बनाया। इसलिए मुझे किसी से सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं है।’

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‘समस्या है बांग्लादेशी घुसपैठियों से’

दुबे ने कहा कि ‘इलेक्शन कमीशन अपना काम कर रहा है। इस देश में रहने वाले हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन, पारसी, यहूदी इस देश के नागरिक हैं। उनको कोई सरकार चाह भी ले तो भी उनके साथ गलत नहीं कर सकती। भारत का संविधान उनको वह अधिकार देता है। समस्या कहां है? समस्या है बांग्लादेशी घुसपैठियों से और यदि बांग्लादेशी घुसपैठिए मुसलमान हैं तो हम क्या कर सकते हैं?’

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‘चुनाव आयोग जो कर रहा है, वह सही कर रहा है’

दुबे ने कहा कि ‘बांग्लादेशी हिंदुओं का जहां तक सवाल है, सिख का जहां तक सवाल है, बौद्ध जैन का जहां तक सवाल है तो वो CAA के दायरे में आते हैं और उनको भारत के संविधान ने, कानून ने ही प्रोटेक्शन दिया हुआ है। तो एक्सक्लूड तो मुसलमान हैं और जो बाहर के मुसलमान हैं उनके साथ यदि इलेक्शन कमीशन कुछ कर रहा है तो आप उसको यदि हिंदू मुसलमान के चश्मे से देखना चाहते हो तो ये आपकी मजबूरी है। भारत के संविधान के हिसाब से जो चुनाव आयोग कर रहा है वह सही कर रहा है।’

क्या मुसलमान भाजपा को वोट देंगे?

पॉडकास्ट के दौरान निशिकांत दुबे से सवाल किया गया कि क्या मुसलमान भाजपा को वोट देंगे? इसके जवाब में दुबे ने कहा कि ‘जहां तक हमारा सवाल है, हम मुसलमानों के लिए अच्छा ही काम किए हैं। मोदीजी की जितनी योजनाएं हैं वो मुसलमानों के पास ज्यादा जा रही हैं। जैसे वक्फ एक्ट पास हुआ। हमने गरीब मुसलमानों के लिए करने का कोशिश की। तो हमारा भरोसा है कि गरीब मुसलमान हमें जरूर वोट करेंगे।

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ओवैसी से कैसी है दोस्ती?

इसके जवाब में दुबे ने कहा कि पार्लियामेंट में मेरे कुछ बड़े करीबी मित्र हैं, पारिवारिक मित्र हैं, उसमें ओवैसी भी हैं और आज से नहीं है वर्षों से हैं। दो चीजें हैं, ओवैसी जिस निर्वाचन क्षेत्र को रिप्रेजेंट करते हैं या जिस विचारधारा को रिप्रेजेंट करते हैं, वो एक्सट्रीम है। जैसे हमारे यहां जो कहा कि अल्ट्रा राइटिस्ट विंग जो है उसकी विचारधारा और ओवैसीजी की विचारधारा उस मुद्दे पर एक ही है।

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‘मेरी आइडियोलॉजी सेकुलर है’

उन्होंने कहा कि मेरी आइडियोलॉजी जो है वो एक सेकुलर आइडियोलॉजी है, जो कि कहती है इस देश को आगे बढ़ाना है, लेकिन बराबरी के साथ बढ़ाना है। कांग्रेस की सरकार ने कई जगह मुसलमानों को जो ये अलग से अधिकार दिए हैं, वो नहीं होने चाहिए। रिजर्वेशन जो मुसलमानों को आप देते हैं वो नहीं होना चाहिए। एक एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन के नाम पर जो अधिकार आप विशेष तौर पर दिए हुए हैं, वो नहीं होना चाहिए। तो उसमें मेरी विचारधारा और ओवैसी की विचारधारा जो है वो रेल की उस पटरी की तरह है जो कि एक साथ यदि मिल जाएगी तो एक्सीडेंट हो जाएगा। इसलिए वो अलग चलते हैं, हम अलग चलते हैं लेकिन जहां तक व्यक्तिगत सवाल है व्यक्तिगत आइडियोलॉजी से अलग हटकर ओवैसी मेरे पार्लियामेंट में कुछ बड़े करीबी मित्रों में हैं, पारिवारिक मित्र हैं।

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