कोचिंग के बाहर छात्रों को फंसाता था चायवाला, 4.5 लाख में बेचा NEET का पेपर; CBI की चार्जशीट में खुलासा

सीबीआई ने जब 2 सितंबर को सूर्यवंशी को गिरफ्तार कर उसके मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच की, तो उसमें 30 अप्रैल की एक छात्रा की तस्वीर मिली. तस्वीर में छात्रा हाथ में लीक प्रश्नपत्र की फोटोकॉपी लिए हुए थी. इस डिजिटल सबूत ने पूरे रैकेट की साजिश को बेनकाब कर दिया.

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सीबीआई ने शेषराव सूर्यवंशी को मामले में 14वें आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया था. (Image - ANI)

3 मई को हुई नीट-यूजी 2026 के बड़े पैमाने पर पेपर लीक होने के चलते रद्द होने के बाद अब सीबीआई की चार्जशीट में चौंकाने वाली परतें खुली हैं. पुणे में एक मशहूर कोचिंग सेंटर के बाहर चाय की दुकान छात्रों के लिए सिर्फ चाय पीने की जगह नहीं, बल्कि पेपर लीक सिंडिकेट का सबसे बड़ा जाल साबित हुई. ‘मलाक चहा’ नाम की चाय की दुकान के मालिक शेषराव बजरंग सूर्यवंशी ने परीक्षा की चिंता में डूबे छात्रों को लीक हुआ पर्चा मुहैया कराने का झांसा दिया और लाखों रुपये ऐंठे.

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सीबीआई ने शेषराव सूर्यवंशी को मामले में 14वें आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया था. इस सप्ताह उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है. जांच में सामने आया है कि इस पूरे रैकेट की कड़ियां नासिक में पकड़े गए करियर काउंसलर शुभम खैरनार और नांदेड़ की एक एजुकेशनल कंसल्टेंसी से जुड़ी हुई थीं.

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ऐसे छात्रों को फंसाया

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह साजिश अप्रैल 2026 में शुरू हुई. पुणे के एक कोचिंग सेंटर के बाहर दो नीट अभ्यर्थी चाय की दुकान पर बैठकर परीक्षा की मुश्किलों पर चर्चा कर रहे थे. चाय की दुकान के मालिक शेषराव सूर्यवंशी ने उनकी बातें सुनीं और उनके पास जाकर फुसफुसाया कि उसका एक दोस्त डॉक्टर है, जो सीधे परीक्षा का पेपर उपलब्ध करा सकता है. इसके लिए प्रति छात्र 4.5 लाख रुपये मांगे. डील तय होने के बाद 28 अप्रैल को सूर्यवंशी इन दोनों छात्रों समेत कुल 10 छात्रों को नासिक के पंचक गांव स्थित एक सुनसान मकान में ले गया.

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गारंटी के तौर पर कि छात्र पैसे चुकाए बिना भागेंगे नहीं. सूर्यवंशी ने सभी छात्रों के ओरिजिनल सर्टिफिकेट और जरूरी दस्तावेज बतौर सिक्योरिटी अपने पास जब्त कर लिए.

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4 दिन तक सेफ हाउस में कैद

जांच में खुलासा हुआ कि करियर काउंसलर शुभम खैरनार ने नांदेड़ के कंसल्टेंट नागेश दांडे के जरिए 75000 रुपये में नासिक के पंचक गांव में किराने की दुकान के मालिक का खाली मकान 4 दिन के लिए किराए पर लिया था. खैरनार ने दांडे को बायोलॉजी और केमिस्ट्री के 550 से अधिक सवालों वाली कई पीडीएफ फाइलें भेजीं, जिनके आठ सेट प्रिंटआउट निकाले गए.

दांडे ने छात्रों के सामने खुद को डॉक्टर बताकर प्रश्नपत्र सौंपे. सूर्यवंशी ने मोबाइल से उन सभी छात्रों की तस्वीरें खींचीं, जिन्होंने हाथ में पेपर पकड़ा हुआ था, ताकि बाद में उन्हें ब्लैकमेल किया जा सके.

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छात्रों को 28 अप्रैल से 2 मई तक वहीं बंद रखा गया और उत्तर रटवाए गए. 2 मई को जब छात्रों को छोड़ा गया, तो उनसे पर्चे वापस ले लिए गए लेकिन एक छात्र ने चालाकी दिखाते हुए अपने मोबाइल से चुपके से सभी सवालों को स्कैन कर लिया.

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गहने गिरवी रखकर मां ने चुकाए 3 लाख रुपये

3 मई को परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद सूर्यवंशी ने छात्रों पर पैसे देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया. एक छात्र से उसने अपनी चाय की दुकान पर 3 लाख रुपये कैश की मांग की. छात्र की मां ने घर के सोने के गहने गिरवी रखकर पैसे जुटाए और सूर्यवंशी को नकद सौंपे. एक अन्य छात्र से भी पैसों की उगाही की कोशिश की गई, लेकिन उसने समय मांगते हुए भुगतान टाल दिया.

सीबीआई ने जब 2 सितंबर को सूर्यवंशी को गिरफ्तार कर उसके मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच की, तो उसमें 30 अप्रैल की एक छात्रा की तस्वीर मिली. तस्वीर में छात्रा हाथ में लीक प्रश्नपत्र की फोटोकॉपी लिए हुए थी. इस डिजिटल सबूत ने पूरे रैकेट की साजिश को बेनकाब कर दिया.

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लेखक के बारे में

Arif Khan

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आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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