ऑपरेशन सिंदूर, जातीय जनगणना और एक साल..., NDA की बैठक के क्या सियासी मायने हैं?

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता से उत्साहित पीएम मोदी और बीजेपी ने आज एनडीए की बड़ी बैठक बुलाई है। बैठक में ऑपरेशन सिंदूर और जातीय जनगणना को लेकर प्रस्ताव पारित कराए जाएंगे। इसके अलावा भविष्य की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

PM Modi chair NDA meeting 2025

PM Modi chair NDA meeting 2025

विज्ञापन

ऑपरेशन सिंदूर के बाद आज पीएम मोदी की अध्यक्षता में एनडीए की बड़ी मीटिंग हो रही है। मीटिंग में 20 राज्यों के सीएम और 18 डिप्टी सीएम शामिल हुए हैं। इसके अलावा बैठक में जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह और अमित शाह भी शामिल होंगे। ऑपरेशन सिंदूर और एनडीए सरकार का एक साल पूरा होने पर आयोजित हो रही बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस बैठक में दो बड़े प्रस्ताव भी पारित किए जाएंगे। पहला प्रस्ताव भारतीय सेना और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए लाया जाएगा। जबकि दूसरा प्रस्ताव जातीय जनगणना के फैसले को लेकर लाया जाएगा। दोनों ही प्रस्ताव में एनडीए सरकार के मुखिया यानी पीएम नरेंद्र मोदी के फैसलों की सराहना की जाएगी।

ऑपरेशन सिंदूर पर नहीं होगी राजनीति

ऑपरेशन सिंदूर के बाद एनडीए की एकजुटता प्रदर्शित करने के लिहाज से यह बैठक अहम मानी जा रही है। बैठक ऐसे समय में आयोजित हो रही है जब पूरा देश ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान पर हुई कार्रवाई को लेकर जोश में है। बैठक के जरिए बीजेपी और एनडीए विपक्ष को यह मैसेज देना चाहती है कि ऑपरेशन सिंदूर और जातीय जनगणना समेत कई अहम फैसले एनडीए की मजबूत सरकार के दौरान लिए गए हैं। ऑपरेशन सिंदूर को सेना की उपलब्धि के रूप में पेश किया जाएगा, ताकि इसका राजनीतिक लाभ नहीं उठा पाए। इसको लेकर बीजेपी और पीएम मोदी पहले ही नेताओं को निर्देश दे चुके हैं।

विज्ञापन

पीएम ने दिया बड़ा मैसेज

बीजेपी को 2024 के लोकसभा चुनाव में 240 सीटों पर जीत मिली थी, ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि बीजेपी इस बार वैसे फैसले नहीं ले पाएगी जैसे कि उसने पिछले दो कार्यकालों में लिए थे। लेकिन पीएम मोदी ने अपनी दूरदर्शी सोच और स्पष्टतावादी नीतियों से न सिर्फ एनडीए के साथियों को बांध कर रखा है बल्कि कड़े फैसले लेकर विपक्ष को बता दिया कि यह सरकार भी पिछली सरकारों की तरह ही मजबूत है।

जातीय जनणगना से विपक्ष को किया चित्त

एनडीए सरकार ने विपक्ष के सबसे बड़े सियासी गुब्बारे जातीय जनणगना की हवा निकालने का काम किया है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में इस महीने हुई कैबिनेट मीटिंग में जातीय जनगणना को मूल जनगणना के साथ कराए जाने का फैसला किया गया है। इस फैसले को लेकर जहां विपक्ष ने खुद की पीठ थपथपाई तो बीजेपी और एनडीए ने इसे पीएम की दूरदर्शी सोच का परिणाम बताया। पीएम मोदी के इस फैसले से विपक्ष के जाति आधारित राजनीति वाले दांव को काटने में बीजेपी ने सफलता हासिल की है।

विज्ञापन

बिहार चुनाव के लिहाज से बड़ी बैठक

यह बैठक बिहार विधानसभा चुनाव के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में सीएम नीतीश कुमार भी शामिल होंगे। बैठक के इतर सीएम नीतीश कुमार पीएम मोदी से मुलाकात कर सकते हैं। बैठक में सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे और चुनावी मुद्दों को लेकर चर्चा हो सकती है।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ