Two New Namo Bharat Rail Corridors: नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन को जल्द ही 2 प्रपोज्ड ‘नमो भारत’ रैपिड रेल कॉरिडोर के लिए सरकारी मंजूरी मिलने की उम्मीद है. ये कॉरिडोर दिल्ली को पानीपत-करनाल और गुरुग्राम-बहरोड़ से जोड़ेंगे. ये ऐलान ऐसे वक्त में हुआ है जब रीजनल रैपिड ट्रांजिट सर्विस (RRTS) के ऑपरेशंस के 3 साल पूरे हो गए हैं. इसने नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में अहम प्रगति की है.
4 और कॉरिडोर पाइपलाइन में
मंजूरी के इंतजार में चल रही 2 परियोजनाओं के अलावा, NCRTC 2 और रूट्स, गाजियाबाद-जेवर और नोएडा-फरीदाबाद-गुरुग्राम के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रहा है. इन प्रपोज्ड कॉरिडोर से रीजनल ट्रांसपोर्ट लिंक मजबूत होने और अहम शहरी और आर्थिक केंद्रों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है.
4.5 करोड़ से ज्यादा पैसेंजर जर्नी दर्ज
NCRTC के मुताबिक अक्टूबर 2023 में ऑपरेशन शुरू होने के बाद से 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर 4.5 करोड़ से ज्यादा पैसेंजर जर्नी दर्ज की गई हैं. मौजूदा वक्त में इस सेवा से रोजाना 1.1 लाख से ज्यादा मुसाफिर सफर करते हैं. हाल ही में एक दिन में सबसे ज्यादा तकरीबन 1.68 लाख यात्रियों ने इस सेवा का इस्तेमाल किया. कॉरपोरेशन ने ‘नमो भारत’ के संचालन की तीसरी सालगिरह एक कार्यक्रम के जरिए मनाई. इस प्रोग्राम में केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर, राज्य मंत्री तोखन साहू और कई सीनियर अधिकारी शामिल हुए. खट्टर ने कहा कि रैपिड रेल नेटवर्क रीजनल कनेक्टिविटी और शहरी परिवहन के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिख रहा है. उन्होंने कहा कि बेहतर परिवहन बुनियादी ढांचा शहरों को आपस में जोड़ता है, नए मौकों तक पहुंच बनाता है और आर्थिक विकास में योगदान देता है.
सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट पर जोर
‘नमो भारत’ सर्विस की शुरुआत 20 अक्टूबर 2023 को साहिबाबाद और दुहाई डिपो के बीच 17 किलोमीटर लंबे ‘प्रायोरिटी सेक्शन’ के खुलने के साथ हुई थी. बाकी हिस्से स्टेजेज में चालू हुए. पीएम नरेंद्र मोदी ने 22 फरवरी 2026 को मेरठ मेट्रो के साथ-साथ पूरे 82 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया.NCRTC ‘मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन’ और ‘फर्स्ट एंड लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ को बेहतर बनाने पर भी काम कर रहा है.
इसकी सस्टेनेबिलिटी इनिशिएटिव में सोलर पावर प्रोजेक्ट और 110 मेगावाट का ‘कैप्टिव’ सोलर पावर प्लांट लगाने की योजना शामिल है. मैनेजिंग डायरेक्टर शलभ गोयल ने कहा कि संगठन ने एक सुरक्षित, भरोसेमंद, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम बनाने की दिशा में काफी प्रगति की है. उन्होंने इस प्रोजेक्ट को लागू करने और इसके संचालन में कर्मचारियों के परिवारों के योगदान को भी सराहा.