Heart Tests Before Playing Garba in Gujarat: गुजरात में नवरात्रों के नौ दिन गरबा का उत्सव मनाया जाता है। युवाओं से लेकर बुजुर्ग तक इस उत्सव में हिस्सा लेते हैं। लोग उत्सव के लिए विशेष तैयारियां भी करते हैं। ऐसे में लोग एक और तैयारी में जुट गए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार गुजरात के कई जिलों में लोग गरबा खेलने से पहले अपने दिलों की जांच करा रहे हैं। ये इसलिए है क्योंकि पिछले दिनों गरबा खेलते समय कई लोगों को हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। ऐसे में लोग नौ दिनों तक चलने वाले उत्सव से पहले ही अपनी जांच करा रहे हैं। इसके परिणाम स्वरूप अस्पताल में इन जांचों का आंकड़ा करीब 30 फीसदी बढ़ गया है।
गरबा से पहले कराई जांच, लिया प्रमाणपत्र
न्यूज साइट टीओआई की एक रिपोर्ट के अनुसार वडोदरा में रहने वाले शार्दुल पटेल (40) शारदीय नवरात्र के लिए विशेष तैयारियों में लगे हैं। हालांकि इन तैयारियों के बीच में उन्होंने नवरात्रों से पहले अपनी सभी जांचें कराई हैं। शार्दुल पटेल ने बताया कि मैं नियमित रूप से अपना वर्कआउट करता हूं, लेकिन यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि क्या मेरा दिल नौ रातों तक गरबा खेलने का तनाव झेल सकता है या नहीं?
इको और टीएमटी की कराई जांच
पटेल ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में दिल का दौरा पड़ने से कई लोगों की जान चली गई है, खासकर गुजरात के युवाओं की। इसे देखते हुए अब शार्दुल पहले ही अपना फिटनेस सर्टिफिकेट लेना चाहते हैं। उन्होंने कुछ दिन पहले एक प्राइवेट अस्पताल में इको-टीएमटी परीक्षण कराया था। सही स्कोर मिलने के बाद शार्दुल ने राहत की सांस ली है। उन्होंने कहा कि अब वह बिना किसी परेशानी के नवरात्रि का आनंद ले सकते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य भर (गुजरात) के अस्पतालों और क्लीनिकों ने नवरात्रि से पहले इस तरह की जांच के लिए आने वालों में काफी वृद्धि हुई है। बताया गया है कि हाल ही में गरबा के दौरान हार्ट अटैक के कारण हुई मौतों के बाद कुछ लोग जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं। मरने वालों में एक 19 साल का लड़का भी शामिल था।
डॉक्टरों ने बताया, कितने लोग आए जांच कराने?
वडोदरा के रिदम अस्पताल के निदेशक डॉ. आनंद आहूजा का मानना है कि लोगों का डर निराधार नहीं है। अपने दिल की जांच कराने के लिए आने वाले लोगों, विशेषकर पुरुषों की संख्या में लगभग 30% की अचानक वृद्धि हुई है। अधिकांश गरबा प्रेमी हैं और नहीं चाहते कि हृदय संबंधी जटिलताएं इस प्रवाह को बिगाड़ें। अहमदाबाद स्थित इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. जय शाह ने भी इस आकलन से सहमति जताई। कहा कि पिछले कुछ दिनों में 25 से 35 वर्ष के आयु वर्ग के कम से कम छह रोगियों की जांच करने की पुष्टि की।
अहमदाबाद स्थित अन्य हृदय रोग विशेषज्ञों ने त्योहार से पहले ईसीजी, टीएमटी और पीएफटी जैसे परीक्षणों में 20 से 30% की वृद्धि दर्ज की है। बैंकर्स ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल के चिकित्सा निदेशक डॉ. पारुल बैंकर ने कहा कि पिछले 10 दिनों में हमारे सभी अस्पतालों में दिल की जांच में वृद्धि हुई है।
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