मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच BJP के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी का अहम बयान सामने आया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जनता द्वारा चुनी गई सरकारें तभी सुरक्षित रह सकती हैं, जब देश में चुनाव निष्पक्ष तरीके से हों और नौकरशाही पूरी तरह पारदर्शी रहे. मुरली मनोहर जोशी गुरुवार को 21वें ‘फिक्की (FICCI) हायर एजुकेशन समिट’ के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. जब उनसे वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में गड़बड़ी के आरोपों और विपक्ष द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “लोगों की, लोगों के लिए और लोगों द्वारा बनाई गई सरकारें धरती से कभी खत्म नहीं होंगी,बशर्ते चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष हों, सरकारें जवाबदेह हों और नौकरशाही में पारदर्शिता हो.”
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर जोर देते हुए आगे कहा, “विपक्ष जिम्मेदार और जवाबदेह है. पूरी व्यवस्था संविधान के दायरे में ही चलनी चाहिए. अगर कहीं भी संविधान का उल्लंघन होता है, तो सुप्रीम कोर्ट को उसकी जांच करनी चाहिए. यही वह सिद्धांत है जिस पर हमारे लोकतंत्र को मजबूती से काम करना चाहिए.”
गौरतलब है कि वोटर लिस्ट की SIR प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद की खबरों के बाद विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है. राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों का यह प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा, जिसमें ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जा रही है. ऐसे माहौल में भाजपा के ही वरिष्ठ नेता का निष्पक्ष चुनाव और पारदर्शी व्यवस्था पर दिया गया यह बयान सियासी गलियारों में काफी चर्चा बटोर रहा है.