संसद में मानसून सत्र के 8वें दिन आज जोरदार हंगामा होने के आसार हैं. क्योंकि आज लोकसभा में नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन का मुद्दा गूंजेगा. इन दोनों मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी विपक्ष ने कर रखी है. पहले विपक्ष नीट पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा को लेकर सदन में हंगामा करता रहा, लेकिन अब विपक्ष आरोप लगा रहा है कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया. लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट गन से उनका बर्बर तरीके से दमन किया गया, जिसमें कई छात्र बुरी तरह घायल हुए. इस आरोप को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार से तीखे सवाल कर सकता है.
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पहले दिन से गरमाया है पेपर लीक का मुद्दा
सूत्रों के अनुसार, विपक्षी गठबंधन दल INDIA के साथ मिलकर कांग्रेस आज लोकसभा और राज्यसभा में छात्र आंदोलन और नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाएगी. मांग करेगी कि प्रधानमंत्री मोदी छात्रों से माफी मांगें. मानसून सत्र के पहले दिन से ही विपक्ष ने पेपर लीक पर चर्चा की मांग करते हुए सदन को चलने नहीं दिया. अभी भी विपक्ष की कोशिश है कि जब तक पेपर लीक का मुद्दा नहीं सुलझता, तब तक मानसून सत्र के बचे हुए 3 हफ्तों में केंद्र सरकार का कोई और एजेंडा पूरा न होने दिया जाए. पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना तक दिया था, जिसका पुलिस ने दमन किया था.
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राहुल गांधी पूछ सकते हैं ये 2 बड़े सवाल
लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज सदन की कार्यवाही के लिए अपना एजेंडा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं. उन्होंने एक पत्र लिखकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से 2 सवाल पूछे हैं और वही 2 सवाल आज वे सदन में पूछ सकते हैं. राहुल गांधी ने पूछा है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन जैसे घातक हथियार का इस्तेमाल करने की परमिशन किसने दी थी? दूसरा सवाल यह है कि छात्रों पर लाठीचार्ज कर रहे सादे कपड़े पहने लोग कौन थे? जो लोग सादे कपड़ों में छात्रों पर लाठियां बरसाते दिखे, वे पुलिसकर्मी थे या कोई और? उन्हें वहां तैनात करने की अनुमति किसने दी थी?
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सरकार पेश करेगी एंटी पेपर लीक बिल
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार आज लोकसभा में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026' पेश करेगी. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह इस बिल को पेश करेंगे और यह नया बिल पेपर लीक के साथ-साथ भर्ती परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए कड़े प्रावधानों के साथ तैयार किया गया है. संशोधन बिल में प्रावधान है कि पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी की जांच तेजी से कराई जाएगी. सुनवाई समय पर करने, सख्त सजा और जुर्माना, स्पेशल टास्क फोर्स (STF), 2 महीने में पूरी जांच, स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट में रोजाना सुनवाई और 3 महीने के अंदर हाई कोर्ट द्वारा अपीलों का निपटारा करने का प्रावधान किया गया है. पेपर लीक कराने वाले पूरे गिरोह या रैकेट के लिए 10 साल तक की जेल की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान भी संशोधित बिल में किया गया है.
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