IMD Jammu Himachal Monsoon Weather Prediction: एक जून 2024 से देश में मानसून की एंट्री हो जाएगी और यह करीब 15 सितंबर तक रहेगा। मार्च से मई तक प्री-मानसून रहेगा, जिसका असर भी देखने को मिल रहा है कि अप्रैल महीने में लगातार मौसम करवट बदल रहा है। हल्की बूंदाबांदी भी मौसम में ठंडक का अहसास करा रही है।
जून से सितंबर तक अपना असर दिखाने के बाद जब मानसून जाएगा और उसके बाद जो बारिश होगी, उसे पोस्ट मानसून कहेंगे। वहीं मानसून जाने के बाद सर्दियां शुरू हो जाती हैं। केरल, कर्नाटक, लक्षद्वीप के समुद्र तटीय इलाकों में जब भारी बारिश होने लगेगी तो मानसून की एंट्री हो जाएगी। मौसम विभाग मानसून आने का ऐलान कर देगा। देश में सबसे पहले मानसून अंडमान निकोबार में एंट्री करता और उसके बाद केरल होते हुए पूरे देश में फैल जाता।
पिछले साल हिमाचल में मची थी भारी तबाही
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस बार मानसून में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की भविष्यवाणी की है। 100 प्रतिशत से ज्यादा पानी बरसने का अनुमान लगाया गया है। करीब 20 राज्यों को इस बार मानसून की मार झेली पड़ेगी। किसानों के लिए बारिश फायदेमंद रहेगी, लेकिन अगर लगातार भारी बारिश हुई तो उनकी फसलें भी खराब हो सकती है।
पिछले साल मानसून में 48 मिलीमीटर कम बारिश हुई थी। मौसम विभाग के अनुसार, 868 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है, लेकिन 2023 में यह सिर्फ 820 मिलीमीटर हुई। मानसून 25 सितंबर 2023 को लौट गया था, लेकिन मानसून ने हिमाचल प्रदेश में भारी तबाही मचाई थी। बादल फटने और भूस्खलन जैसी घटनाओं में करीब 400 लोग मारे गए थे और पूरे प्रदेश में 12 हजार करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी का नुकसान हुआ था।
कैसा रहेगा जम्मू और हिमाचल प्रदेश का मौसम?
जून के महीने में छुट्टियां होने से लोग घूमने का प्लान बनाते हैं। जून की गर्मी से बचने के लिए परिवार और दोस्तों के साथ पहाड़ी इलाकों का रूख करते हैं, लेकिन जून महीने में मानसून की बारिश उनके प्लान पर पानी फेर देती है। इस साल मौसम विभाग ने 20 राज्यों में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की भविष्यवाणी की है, वहीं कुछ राज्यों में सामान्य बारिश हो सकती है।
इन राज्यों में टूरिस्टों के पसंदीदा टूरिस्ट स्टेट हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और लेह लद्दाख भी शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, इन राज्यों में सामान्य बारिश होगी, ऐसे में टूरिस्ट बर्फबारी का मजा लेने के लिए इन राज्यों का रूख कर सकते हैं। लेह लद्दाख के खूबसूरत नजारे देखकर समर वैकेशन्स एन्जॉय कर सकते हैं। हालांकि बारिश से बचाव के उपाय करने होंगे। सतर्कता बरतने की सलाह भी मौसम विभाग ने दी है।
क्यों होगी इस बार मानूसन में भारी बारिश?
मानसून 2024 में 20 राज्यों में सामान्य से ज्यादा बारिश होने का कारण ‘अल नीनो’ हो सकता है। अमेरिका की मौसम विज्ञान एजेंसी ने पिछले साल ही साल 2024 में अल नीनो की स्थिति बनने की भविष्यवाणी कर दी थी, जिसका असर भारत में भी पड़ने की संभावना जताई गई थी, लेकिन भारत तक पहुंचते-पहुंचते अल नीनो का असर कम हो जाता है तो ऐसे में भारत में ला-नीना की स्थिति बनेगी, जो मानसून में भारी बारिश होने का कारण बनेगी।
मौसम विभाग के अनुसार, इस साल अगस्त महीने में ला-नीना की स्थिति बनने के आसार हैं, जिसके चलते जो बारिश होगी, वह किसानों के लिए फायदेमंद होगी। देश की इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए मानसून की बारिश अच्छी मानी जाती है, क्योंकि आज भी देश के करीब 80 प्रतिशत किसान सिंचाई के लिए बारिश पर निर्भर रहते हैं।
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