प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी जोर-शोर से चल रही है और इसके लिए कैबिनेट सचिव ने अब सभी मंत्रालयों के सचिवों की हाई लेवल मीटिंग बुलाई है. इस मीटिंग में मंत्रालयों के काम की समीक्षा करके परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपी जाएगी. कैबिनेट सचिव की सभी मंत्रालयों के सचिवों के साथ मीटिंग आगामी 27 अक्टूबर 2026 को होगी. परफॉर्मेंस रिपोर्ट कार्ड के आधार पर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा दिया जाएगा. केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल किया जाएगा या बड़े नीतिगत फैसले लिए जा सकते हैं.
सरकार के कामकाज की प्रक्रिया सुधारने की योजना
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में राज्य और केंद्र सरकार के मुखिया के रूप में 25 साल पूरे किए हैं और इस उपलब्धि के लिए उन्होंने जनविश्वास को आधार बताया है. इस मौके पर उन्होंने देशवासियों को रिफॉर्म्स के लिए भी आश्वस्त किया. इस दिशा में प्रयास के लिए उन्होंने अपनी कैबिनेट में फेरबदल करने की योजना बनाई है. सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट सचिवालय की ओर से सभी मंत्रालयों को निर्देश दिया गया है कि वे योजनाओं, उनकी प्रगति, उनसे हो रहे लाभों और भविष्य में किए जाने वाले कामकाज की रिपोर्ट तैयार करके लाएं. 27 अक्टूबर को कैबिनेट सचिव रिपोर्ट की मिनिस्टरी वाइज समीक्षा करेंगे.
विपक्ष के रिजीम चेंज के मंसूबे को फेल करने का प्रयास
सूत्रों के अनुसार, रिव्यू रिपोर्ट प्रधानमंत्री मोदी को सौंपी जाएगी, इसलिए सावधानी बरतें. प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचे और ईज ऑफ लिविंग का रास्ता साफ हो. कांग्रेस के नेतृत्व में पूरा विपक्ष इस प्रयास में है कि केंद्र सरकार के प्रति जनता का विश्वास कम हो और रिजीम चेंज किया जा सके. लेकिन केंद्र सरकार उनके मंसूबों को पूरा नहीं होने देगी. इसलिए मोदी कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी है. हाल ही में 2 मंथन शिविर लगाकर प्रधानमंत्री मोदी ने खुद मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की थी और अब कैबिनेट सचिव से फाइनल रिपोर्ट तलब की है.
दिवाली से पहले मोदी कैबिनेट में फेरबदल के आसार
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी के तीसरे कार्यकाल में केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल करके इसका विस्तार किया जा सकता है. दिवाली से पहले प्रधानमंत्री मोदी इसका ऐलान कर सकते हैं, जिसके लिए 27 अक्टूबर को मीटिंग बुलाई गई है. दूसरी ओर केंद्रीय मंत्रिपरिषद् में कई पद खाली हो गए हैं, जैसे शिक्षा राज्य मंत्री एल मुरुगन पद और राज्यसभा दोनों से इस्तीफा दे चुके हैं. चर्चा है कि प्रधानमंत्री कई मंत्रियों के कामकाज से खुश नहीं हैं, इसलिए कैबिनेट से उनकी छुट्टी हो सकती है.