हमने अकसर फिल्मों में देखा है कि कोई बचपन में अपने परिवार से बिछड़ जाता है और फिर सालों बाद अचानक अपनों से मिलता है, वो पल बेहद इमोशनल होता है. कुछ ऐसी ही कहानी है 19 साल के जयेश बोदाडे की जो 8 साल से लापता था. लेकिन अब उसकी तलाश पूरी हुई और फिर एक बार अपने परिवार के पास वापस आ गया. ये दिल छू लेने वाली कहानी अकोला से शुरू होकर हिमाचल प्रदेश के शिमला में एक गौशाला तक पहुंची.
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क्या है पूरा मामला?
2018 में जयेश अपनी मां और भाई के साथ घर से निकला था. कुछ ही समय बाद उसका अपने परिवार से संपर्क टूट गया. उसके पिता सुधाकर बोदाडे ने खादन पुलिस स्टेशन में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. लेकिन कई सालों तक उसकी कोई खबर नहीं मिली. समय के साथ जयेश अलग-अलग जगहों पर काम करता रहा और आखिरकार वो हिमाचल प्रदेश के रंपुर बुशहर में एक गौशाला में पहुंच गया. वहाँ उसने खाने, रहने और बाकी जरूरतों को पूरा करने के लिए गौशाला में काम शुरू कर दिया. उसने कभी भी अपने परिवार के बारे में किसी को नहीं बताया.
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बेटे को देखकर भावुक हुए पिता
हाल ही में स्थानीय पुलिस ने एक नियमित जांच के दौरान गौशाला के वर्कर्स से पहचान दस्तावेज मंगवाए. जयेश के पास कोई पहचान पत्र नहीं था. पुलिस ने उसे चौकी ले जाकर पूछताछ की, तो उसने पहली बार बताया कि वो महाराष्ट्र के अकोला का रहने वाला है. पुलिस ने तुरंत अकोला के खादन पुलिस स्टेशन से पुराने मामले की जानकारी लेकर जांच आगे बढ़ाई. पुलिस ने जयेश से वीडियो कॉल पर बातचीत की और उसके पिता से संपर्क कराया. जब उसके पिता ने बेटे को वीडियो में देखा, तो वो उसे तुरंत पहचान गए और भावुक हो गए. 14 जनवरी को पिता सुधाकर अकेले शिमला पहुंचे और पुलिस स्टेशन पर जयेश से मुलाकात की. आठ साल के बाद ये मिलन बेहद इमोशनल था. उसके बाद पिता-बेटा साथ में वापस अकोला लौट आए. जयेश ने कहा कि वो पहाड़ों के मौसम और शांत जीवन से बहुत जुड़ चुका है, हालांकि अब वो अपने पिता के साथ रहने को तैयार है.
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