Military digital map FOR Pilot(पवन मिश्रा): फाइटर पायलट अभिनंदन, ये नाम जब भी आप पढ़ते या सुनते होंगे तब आपके दिल में एक कम्पन्न पैदा होती होगी। इस शख्स को जब भी आप देखते होंगे तो देश के प्रति जज्बा और दुश्मन देश के आगे नहीं झुकने का साहस खुद के अंदर जगता होगा। पायलट अभिनंदन वो नाम है, जिसे पाकिस्तान शायद ही कभी भूल पायेगा। जी हां बालाकोट में एयर स्ट्राइक की गई थी, जिसके बाद एरियल फाइट भी हुई थी, लेकिन विंग कमांडर अभिनंदन से एक गलती हो गई थी।
विंग कमांडर अभिनंदन से हुई थी चूक
फिलहाल ग्रुप कैप्टेन के तौर पर अभिनंदन वायुसेना में अपनी सेवा दे रहे हैं। आपको बता दें कि अभिनंदन जब पाकिस्तान में बालाकोट एयर स्ट्राइक के लिए पहुंचे, तब वह सही नक्शे की जानकारी नहीं कर पाए थे, जिसके कारण विंग कमांडर मिग-21 बाइसन लड़ाकू विमान से एलओसी पार कर पाकिस्तान की सीमा में पहुंच गए थे, लेकिन अब हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने अपने फाइटर पायलट के लिए एक खास तरह का मिलिट्री डिजिटल मैप तैयार किया है, यानी पायलट जैसे ही टेक ऑफ करेगा, उसे तुरंत डिजिटल माध्यम से नक्शे की जानकारी मिलना शुरू हो जाएगी। आपको बता दें कि राजधानी दिल्ली के अम्बेडकर भवन में ‘एवियॉनिक्स एक्सपो का आयोजन H.A.L ने किया।
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दुश्मन से अलर्ट भी करेगा
इस एक्सपो में आत्मनिर्भर भारत के तहत बने नेविगेशन और कम्युनिकेशन सिस्टम को प्रदर्शित किया गया है, जो वार के दौरान जीत में अहम रोल साबित करेगें। ये ऐसा मैप है, जो आसमान में किसी भी फाइटर पायलट के लिए उसके कॉकपिट की स्क्रीन पर मिलिट्री-नक्सा की तरह इस्तेमाल किया जा सकेगा। एचएएल की सीनियर अधिकारी सारिका पाठक ने न्यूज 24 से खास बातचीत में जानकारी देते हुए कहा कि यह डिजिटल नक्शा न केवल हमारे पायलट को राह दिखाएगा, बल्कि दुश्मन से अलर्ट भी करेगा, यानी दुश्मन किस तरफ छुपा बैठा है और उसकी तादाद कितनी है।
डिजिटल मैप की कई खासियत
सीधे शब्दों में आपको बता दें कि इस डिजिटल नक्शे की बदौलत हमारे लड़ाकू पायलट दुश्मन की मिसाइल के रडार में आए बिना ही दुश्मन की सीमा में घुसकर दुश्मन को जड़ से खत्म कर देंगे। अब हम आपको इस डिजिटल मैप की खासियत बताते हैं। इसमें चीन और पाकिस्तान समेत दक्षिण पूर्वी एशिया का डेटा शामिल है। इस मैप का दायरा 3600 स्क्वायर किलोमीटर है यानी 60X60 किलोमीटर के रेडियस में पायलट आसानी से नेविगेट कर सकता है। आपको बता दें कि फिलहाल जितने भी फाइटर पायलट हैं, उन्हें मैन्युल मिलिट्री-मैप को अपने जी-सूट (डांगरी) में रखना पड़ता है। उड़ान के दौरान उसे मैन्युल-मैप का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन दुश्मन के साथ डॉग-फाइट (एरियल लड़ाई) के दौरान कभी-कभी मैप देखने में खतरा पैदा हो जाता है।
100 कदम पीछे हटने पर मजबूर होगा दुश्मन
कभी-कभी ऐसा भी मौका आता है, जब डॉग फाइट के समय मैप नहीं देख पाते हैं, हमारे पायलट क्योंकि सवाल यह है कि युद्ध का सामना करें या फिर नक्शे का सर्वे, और यही वजह है कि हमारे जांबाज फाइटर पायलट गलती से दुश्मन की सीमा रेखा में प्रवेश कर जाते हैं। ऐसा डिजिटल नक्शा अभी तक अमेरिका और इजराइल के पास था, लेकिन अब हमारे देश में भी ऐसा डिजिटल मैप बन कर तैयार हो गया है कि दुश्मन एक कदम नहीं 100 कदम पीछे हटने पर मजबूर हो जाएगा। H.A.L की अधिकारी सरिता पाठक ने न्यूज 24 को यह भी बताया है कि सबसे पहले इसका इस्तेमाल घातक हेलीकॉप्टर प्रचंड, सुखोई-एमकेआई और जगुआर फाइटर जेट में लगाया जा रहा है। इसका दूसरा फायदा यह भी है कि यह डिजिटल मैप किसी भी मौसम में काम करेगा।
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