Bangal Election में ममता का हिंदू कार्ड कितना कामयाब? मुस्लिम कितने निर्णायक?

Mamata Benerjee Hindu Card Defeat Bengal BJP: ममता बनर्जी ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए हुंकार भर दी है। ममता ने बीजेपी को गेरुआ कॉमरेड कहा है। इसके क्या मायने है ? साथ ही ममता ने ये भी कहा है कि अबकी बार 200 पार से टीएमसी जीतेगी। ये बीजेपी के लिए कितना बड़ा चैलेंज है। आखिर, क्या है दीदी का 26 के लिए प्लान? कैसे अबकी विधानसभा में बीजेपी का चक्रव्यूह तोड़नी वाली है टीएमसी?

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Mamata Benerjee Hindu Card Defeat Bengal BJP: आखिर ममता बनर्जी ने हिंदुओं के बहाने बीजेपी को घेरने की रणनीति क्यों बनाई है… तो इसे ऐसे समझिए। एक आंकड़े के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में तकरीबन 70 फीसदी हिंदू वोटर हैं। जबकि, 30 फीसदी के करीब मुस्लिम मतदाता हैं। बांग्लादेश सीमा से लगे राज्य के जिलों में मुस्लिमों की आबादी बहुतायत में है। मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तर दिनाजपुर में तो इस तबके के लोगों की आबादी कुल आबादी की आधी या उससे ज्यादा है। इनके अलावा दक्षिण और उत्तर 24-परगना जिलों में भी इनका अच्छा-खासा असर है।

विधानसभा की 294 सीटों में से करीबन 100 से 110 सीटों पर मुस्लिम वोट निर्णायक भूमिका में हैं। इस 30 फीसदी मुस्लिम वोटर को टीएमसी का वोटबैंक माना जाता है, जबकि, हिंदुओं का एक बड़ा तबका भी ममता की टीएमसी को वोट करता है। लेकिन, अबकी बार बीजेपी हिंदू वोटरों को एकजुट कर अपने पाले में करने की कोशिश में हैं।

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मुस्लिम वोटों की जरूरत नहीं

बीजेपी नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेन्दु अधिकारी बंगाल में हिंदुओं को एकजुट कर अपने पाले में करने के लिए यहां तक कह रहे हैं कि बीजेपी को प्रदेश में मुस्लिम वोटों की जरूरत नहीं है। हालांकि, बीजेपी की ओर से यही दावा यानी 200 पार का नारा बीते यानी 2021 के विधानसभा चुनाव में भी दिया गया था। लेकिन, उस चुनाव में बीजेपी को सत्ता नसीब नहीं हुई थी। यही वजह है कि बीजेपी अबकी बार नए सिरे और पूरी ताकत के साथ अभी से बंगाल के सियासी युद्ध में अपनी तैयारियों को अमलीजामा पहनाने की कोशिश शुरू कर दी है। वहीं, बीजेपी की राह में फिर में ममता बनर्जी खड़ी हो गई हैं।

हिंदू कार्ड कितना कामयाब?

दरअसल, ममता बनर्जी ये बखूबी जानती हैं कि उनका वोटबैंक क्या है। वही, बीजेपी भी इस बार इस कोशिश में है कि किसी भी तरह से बंगाल में हिंदू वोटरों को एकजुट कर ममता बनर्जी के खिलाफ किया जाए, जिससे बीजेपी का वोट शेयर तो बढ़ेगा ही साथ ही बीजेपी की सीटों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो सके और इतनी सीट आ जाए, जिससे बीजेपी बंगाल की सत्ता पर काबिज हो सके और बीजेपी की इसी कोशिश को फेल करने में ममता बनर्जी जुट गई हैं। इतना ही नहीं, ममता बनर्जी ने बंगाल के वोटर लिस्ट में बाहरियों का नाम जोड़ने का मुद्दा उठाकर भी बीजेपी को कठघरे में खडा़ किया है।

वोटर लिस्ट में ऑनलाइन नाम जोड़ रही बीजेपी

ममता बनर्जी का आरोप है कि बीजेपी ने जिस तरह वोटर लिस्ट में गड़बड़ी कर हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली में जीत हासिल की है। उसी तरह की गड़बड़ी बंगाल में भी कर रही है। बीजेपी हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और बिहार के लोगों का बंगाल के वोटर लिस्ट में ऑनलाइन नाम जोड़ रही है। उन्होंने मंच से एक लिस्ट लहराते हुए यहां तक दावा किया है कि ये फर्जी वोटरों की लिस्ट है। बीजेपी पर इस तरह के फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को चेतावनी दी है कि ये महाराष्ट्र या फिर दिल्ली नहीं है। अगर, सुधार नहीं किया तो वे चुनाव आयोग के सामने धरने पर बैठ जाएंगी।

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Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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