हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB

दर्शन हीरानंदानी के हलफनामे के बाद बढ़ेंगी महुआ मोइत्रा की मुश्किलें, एथिक्स पैनल कर सकता है तलब

---विज्ञापन---

Mahua Moitra Cash For Query Case: संसद में पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। कहा जा रहा है कि एथिक्स कमेटी उन्हें जल्द ही तलब कर सकती है। शुक्रवार को एथिक्स कमेटी प्रमुख विनोद सोनकर ने कहा कि उन्हें व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी का पत्र मिला है। सोनकर ने कहा कि टीएमसी सांसद को तलब करने का निर्णय 26 अक्टूबर को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई के बयानों को सुनने और सबूतों के आधार पर ही किया जाएगा।

वहीं दूसरी ओर मोइत्रा ने सोनकर के बयान का जवाब सोशल मीडिया पर दिया। उन्होंने एक्स पर लिखा- आचार समिति के अध्यक्ष मीडिया से खुलकर बात करते हैं। लोकसभा नियम देखें। शपथपत्र मीडिया तक कैसे पहुंचा? चेयरमैन को पहले इसकी जांच करानी चाहिए कि ये कैसे लीक हुआ। मोइत्रा ने आगे कहा- बीजेपी का एक सूत्रीय एजेंडा अडानी पर मेरा मुंह बंद करने के लिए मुझे लोकसभा से निष्कासित करना है।

कहा जा रहा है कि एथिक्स पैनल इस मुद्दे को गंभीर मानते हुए जांच करेगा। इस मामले में पार्टियों से समिति को सबूत सौंपने को कहा गया है। दरअसल, इस पूरे विवाद की शुरुआत भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के आरोपों के बाद हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि महुआ मोइत्रा ने संसद में सवाल पूछने के लिए बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से रिश्वत ली। विशेष रूप से अडानी को टार्गेट करने के लिए सवाल पूछने का आरोप लगाया गया क्योंकि दोनों बिजनेसमैन एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी हैं। हालांकि अब दर्शन हीरानंदानी सरकारी गवाह बन चुके हैं।

---विज्ञापन---

गुरुवार को एथिक्स पैनल को सौंपे गए अपने पत्र में हीरानंदानी ने आरोप लगाया कि मोइत्रा ने अपनी संसदीय लॉगिन आईडी और पासवर्ड शेयर किया था ताकि वह उनकी ओर से प्रश्न पोस्ट कर सकें। हालांकि मोइत्रा ने व्यवसायी के पत्र की वैधता पर सवाल उठाया है। टीएमसी सांसद ने कहा कि व्यवसायी का पत्र आधिकारिक लेटरहेड पर नहीं है और न ही नोटरीकृत है। उन्होंने कहा कि इसका कंटेंट एक मजाक है। तृणमूल कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एजेंडा मुझे लोकसभा से बाहर निकालना है।

Sponsored Links by Taboola