सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोहली का जिक्र, ले. जनरल ने जिस मुहावरे का किया प्रयोग, क्या है उसका मतलब?
Author: Pushpendra Sharma
2025-05-12 16:40:01
Rajiv Ghai Virat Kohli: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर का ऐलान हो चुका है। पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और सीजफायर के तीन घंटे बाद ही गोलीबारी शुरू कर दी। हालांकि अब भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई से खौफ खाकर पाकिस्तान अपनी ‘औकात’ पर आ गया है। सोमवार को भारतीय सेना के उच्च अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान की हरकतों की जमकर पोल खोली। इस दौरान विराट कोहली और एशेज का भी जिक्र हुआ। विराट कोहली ने सोमवार को ही टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया है। ऐसे में सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनका जिक्र दिलचस्प रहा। साथ ही एशेज के दौरान प्रचलित एक मुहावरे का जिक्र कर पाकिस्तान को कड़ा संदेश देने की कोशिश की। आइए आपको बताते हैं कि लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने ऐसा क्या कहा…
एयरफील्ड और लॉजिस्टिक्स को निशाना बनाना मुश्किल
डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा- “हमारे एयरफील्ड और लॉजिस्टिक्स को निशाना बनाना बेहद मुश्किल है। हाल ही में विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया है। वह मेरे फेवरेट प्लेयर्स में से एक हैं।” राजीव घई ने कहा- ”ये जो डायग्राम आप देख रहे हैं, ये मुझे एक किस्से की याद दिला रहा है। जब मैं स्कूल में था, तब 70 के दशक में इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया के बीच में एशेज चल रही थी। ऑस्ट्रेलिया के दो तेज गेंदबाज जेफ थॉमसन और डेनिस लिली ने एक मैच में अपनी गेंदबाजी से इंग्लिश लाइनअप को तहस-नहस कर दिया था। तब ऑस्ट्रेलिया ने एक कहावत दी- राख से राख, धूल से धूल, अगर थॉमो तुम्हें नहीं पकड़ता, तो लिली तुम्हें पकड़ लेगा।”
घई ने आगे कहा- ”अगर आप इस लेयर को देखें तो आप समझ जाएंगे कि मैं आपको क्या बताने की कोशिश कर रहा हूं। पाकिस्तान हमारे सिस्टम्स को पार करने की कोशिश करेगा तो एयरफील्ड लॉजिस्टिक पर पहुंचने से पहले कोई न कोई लेयर ग्रिड का सिस्टम उसे गिरा देगा।”
क्या है इस मुहावरे का अर्थ?
‘राख से राख, धूल से धूल’ एक चर्चित मुहावरा है, जिसका प्रयोग अक्सर क्रिकेट में किया जाता रहा है। विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड एशेज श्रृंखला के दौरान यह फेमस रहा है। इसके जरिए ये बताने की कोशिश की जाती है कि इंग्लैंड की क्रिकेट टीम को ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने ध्वस्त कर दिया था। जिससे उनकस बल्लेबाजी लाइनअप बिखर गया। यह मुहावरा किसी टीम के खराब प्रदर्शन और कमजोरी को उजागर करने का एक तरीका है। जिससे विपक्ष पर तंज कसा जाता है। राजीव घई ने इस मुहावरे के जरिए पाकिस्तान को संदेश देने की कोशिश की कि भारतीय सेना इतनी मजबूत है कि पाकिस्तान की हर नापाक हरकत किसी न किसी लेयर में फंसकर ध्वस्त हो जाती है। यानी उसे भारतीय सेना का कोई न कोई हथियार मार गिराता है।
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