पूर्वोतर राज्य सिक्किम में भारी बारिश के चलते भीषण लैंडस्लाइड हुआ और भयानक तबाही मची. सिक्किम के पश्चिमी जिले ग्यालशिंग के रिम्बी गांव में भूस्खलन हुआ, जिसके बाद पानी, कीचड़ और चट्टानों के रूप में भारी मात्रा में मलबा आया, जो कई मकानों और सड़कों को बहाकर ले गया. हालांकि जानी नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन 7 घर और बिजली विभाग के 6 क्वार्टर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. बचाव दलों ने 128 लोगों को रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने अचानक आई आपदा पर चिंता जताई और स्थानीय प्रशासन के साथ अधिकारियों को हाई अलर्ट रहने के निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री की लोगों का सतर्क रहने की सलाह
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने प्रशासन अधिकारियों को हालातों पर नजर बनाए रखने और बेघर हुए लोगों को छत, खाना और पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. लोगों को मूसलाधार बारिश के बीच सतर्क रहने, अधिकारियों के द्वारा जारी किए गए प्रोटोकॉल का पालन करने और एक-दूसरे की मदद करने का आग्रह भी किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रिम्बी गांव के निवासियों की सुरक्षा और पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठा रही है. मिट्टी और मलबे की चपेट में आने से घर और क्वार्टर बह भी गए. लेकिन राहत की बात यह है कि अचानक आई आपदा में किसी की मौत होने या लापता होने की खबर नहीं है.
30 सितंबर तक बारिश होते रहने की चेतावनी
बता दें कि लैंडस्लाइड की खबर मिलते ही राहत और बचाव का काम शुरू हो गया था. सबसे पहले लोगों को रेस्क्यू करके सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया. आस-पास रहने वाले लोगों को भी लैंडस्लाइड वाले इलाके से दूर रहने को कहा गया है, क्योंकि फिर से लैंडस्लाइड होने का खतरा है. मौसम विभाग ने 30 सितंबर तक लगातार बारिश होने की चेतावनी जारी की है. लैंडस्लाइड से गांव की सड़कें भी ठप हो गई हैं, क्योंकि सड़कों पर भारी मात्रा में पत्थर और कीचड़ जमा हो गया है. लगातार बारिश होने के कारण राहत-बचाव कार्यों और सड़क बहाल करने में रुकावट आ सकती है, इसलिए हालातों पर नजर है.
लैंडस्लाइड से नेशनल हाईवे 10 भी ब्लॉक हुआ
बता दें कि सिक्किम में बीती रात से हो रही भारी बारिश और लैंडस्लाइड होने से नेशनल हाईवे-10 भी ब्लॉक हो गया है, क्योंकि सड़कों पर कीचड़ और पत्थर जम गए हैं, जिस वजह से सिंगतम और गंगटोक के बीच कनेक्टिविटी पर भी असर पड़ा. जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने सावधानी बरतने की अपील करते हुए लोगों को यात्रा करने से बचने की सलाह दी है. पहाड़ी इलाकों में जाने से साफ मना किया गया है, क्योंकि लैंडस्लाइड होने का खतरा है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि रिम्बी गांव में हुए नुकसान का जायजा लेकर रिपोर्ट भेजी जाए, ताकि आपदा पीड़ितों के लिए मुआवजे का प्रबंध किया जाए.