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लद्दाख हिंसा मामले में LG का बड़ा फैसला, 20 लोगों के खिलाफ केस वापसी को मंजूरी; परिजनों को मिलेगा मुआवजा

Ladakh: इससे पहले 13 सितंबर को उपराज्यपाल ने हिंसा में मारे गए चार लोगों के परिजनों को 15-15 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की मंजूरी दी है.

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पिछले साल 24 सितंबर को लेह में हिंसा और अशांति की स्थिति पैदा हो गई थी. (Photo: ANI)

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर पिछले साल सितंबर, 2025 में हुई हिंसा के बाद दर्ज आपराधिक मामलों को लेकर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने लेह में हुई हिंसा से जुड़े 20 लोगों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को वापस लेने की मंजूरी दे दी है. प्रशासन ने इस कदम को शांति, सार्वजनिक व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है.

यह फैसला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 360 के तहत लिया गया है. लद्दाख पुलिस ने संबंधित मामलों की जांच और मौजूदा स्थिति की समीक्षा करने के बाद 20 आरोपियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही वापस लेने की सिफारिश की थी. पुलिस की इस सिफारिश को मंजूरी के लिए उपराज्यपाल के पास भेजा गया था.

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हिंसा के बाद 81 लोग हुए थे गिरफ्तार

गौरतलब है कि पिछले साल 24 सितंबर को लेह में हिंसा और अशांति की स्थिति पैदा हो गई थी. इसके बाद पुलिस ने दंगा, आगजनी समेत कई धाराओं में मामले दर्ज किए थे. पुलिस के अनुसार, हिंसा से जुड़े मामलों में कुल 87 आरोपियों की पहचान की गई थी. इनमें से 81 लोगों को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई थी.

जीवन को नई दिशा देने का अवसर: वीके सक्सेना

उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा कि इस फैसले से संबंधित 20 लोगों को अपने जीवन और करियर को दोबारा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया के बजाय न्याय और सामाजिक उपचार को प्राथमिकता देने का उद्देश्य लद्दाख में शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल को मजबूत करना है.

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हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों को भी राहत

इससे पहले 13 सितंबर को उपराज्यपाल ने हिंसा में मारे गए चार लोगों के परिजनों को 15-15 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की मंजूरी दी है. इसके अलावा गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए 3 लाख रुपये और मामूली रूप से घायल लोगों के लिए 1 लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया गया है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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