केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया अपडेट, राष्ट्रपति मुर्मू तक पहुंचा मामला, पिता विशाल ने लेटर लिखकर लगाई इंसाफ की गुहार

Ketan Agarwal Murder Case: केतन अग्रवाल मर्डर केस राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तक पहुंच गया है। केतन के पिता विशाल ने पत्र लिखकर इंसाफ की गुहार लगाई है और फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चलाकर सिया गोयल और चेतन चौधरी को सजा दिलाने की मांग की है।

ketan agarwal murder case

केतन अग्रवाल की 18 जून को पुणे के लोहगढ़ किले में खाई में गिरने से मौत हुई थी।

महाराष्ट्र का बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तक पहुंच गया है। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने राष्ट्रपति मुर्मू को ईमेल में लेटर लिखकर भेजा है, जिसमें उन्होंने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। राष्ट्रपति को लिखे अपने पत्र में विशाल अग्रवाल ने कहा कि वे उद्योगपति या प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे पिता के रूप में अपील कर रहे हैं, जिसने अपना जवान बेटा खो दिया है।

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केतन की हत्या ने परिवार की जिंदगी बदली

उन्होंने लिखा कि मैं सिर्फ एक पिता हूं, जो अपने बेटे के लिए न्याय की गुहार लगा रहा हूं। केतन की हत्या ने उनके परिवार की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी है। हर सुबह परिवार उसी दर्द के साथ जागता है और हर रात एक ही सवाल मन में उठता है कि आखिर उनके बेटे को न्याय कब मिलेगा। विशाल अग्रवाल ने अपने परिवार पर आए दूसरे बड़े सदमे का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि केतन की मौत के महज 20 दिनों के भीतर उनके पिता का भी निधन हो गया, जिससे परिवार टूट गया है।

पोते की मौत के सदमे में दादा की मौत हुई

विशाल अग्रवाल ने राष्ट्रपति को बताया कि उनके पिता अपने पोते से बेहद स्नेह करते थे और उसकी मौत का दुख सहन नहीं कर पाए। लगातार मानसिक आघात और तनाव के कारण उनकी तबीयत बिगड़ती गई और उनका निधन हो गया। कुछ दिन के भीतर उन्होंने अपने बेटे और अपने पिता दोनों को खो दिया, जिससे पूरा परिवार गहरे सदमे में है। विशाल अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि उनका परिवार किसी विशेष सुविधा या रियायत की मांग नहीं कर रहा है, बस इंसाफ की गुहार लगा रहा है।

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न्याय में अनावश्यक देनी न करने की गुहार

परिवार की मांग है कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो, ताकि न्याय में अनावश्यक देरी न हो और दोषियों को कानून के अनुसार जल्द से जल्द कड़ी सजा मिल सके। केतन अब कभी वापस नहीं आएगा, लेकिन यह संदेश जरूर जाना चाहिए कि जघन्य अपराध करने वाले कानून की प्रक्रिया में देरी का फायदा उठाकर बच नहीं सकते। दोषियों को शीघ्र और कठोर सजा मिलने से न केवल उनके परिवार को मानसिक संबल मिलेगा, बल्कि कानून के प्रति भरोसा मजबूत होगा।

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व्यक्तिगत संवेदनशीलता दिखाने की मांग

पत्र के अंत में विशाल अग्रवाल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भावुक अपील करते हुए कहा कि उनके बेटे के मामले पर व्यक्तिगत संवेदनशीलता के साथ ध्यान दिया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि न्याय जल्द मिले। उनका परिवार पहले ही अपना सब कुछ खो चुका है और अब उसकी आखिरी उम्मीद सिर्फ न्याय है। उन्होंने राष्ट्रपति से यह भी अनुरोध किया कि केतन अग्रवाल का मामला महज एक सरकारी फाइल बनकर न रह जाए। जवान बेटा खोया है, जिसे बस इंसाफ का इंतजार है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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