सऊदी अरब में उमरा करने गए 100 से ज्यादा कश्मीरी यात्री अपनी फ्लाइट रद्द होने के कारण फंस गए हैं. उनकी वापसी की फ्लाइट 13 अक्टूबर को तय थी, लेकिन उड़ानें रद्द होने के बाद से वे घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं. यात्रियों को समझ नहीं आ रहा है कि वे कब अपने परिवारों के पास लौट पाएंगे. वहीं, रहने, खाने और इलाज पर लगातार खर्च होने के कारण उनकी जमा पूंजी भी खत्म होती जा रही है. कई यात्रियों का कहना है कि अब उनके लिए सऊदी अरब में लंबे समय तक रहना मुश्किल हो रहा है. कुछ यात्री दूसरी फ्लाइट या दूसरे रास्तों से भारत लौटने में सफल रहे हैं, लेकिन वैकल्पिक यात्रा का खर्च काफी बढ़ गया है. ऐसे में कई यात्रियों के लिए नए टिकट खरीदना संभव नहीं है.
अक्टूबर के अंत तक रद्द रहेंगी कई उड़ानें
रियाद स्थित भारतीय दूतावास की ओर से जारी ताजा जानकारी के मुताबिक, इंडिगो ने रियाद से आने-जाने वाली उड़ानों को 31 अक्टूबर 2026 तक रद्द कर दिया है. वहीं, जेद्दा, दम्माम और मदीना से आने-जाने वाली उड़ानें 27 अक्टूबर 2026 तक बंद रहेंगी. इन उड़ानों के रद्द होने से भारत के अलग-अलग हिस्सों से उमरा करने गए यात्री प्रभावित हुए हैं. विदेश मंत्रालय ने बताया कि रियाद और जेद्दा में भारतीय मिशन प्रभावित यात्रियों की जल्द वापसी के लिए एयरलाइंस और टूर ऑपरेटरों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.
यात्रियों के सामने दो ऑप्शन
लबैका हज एंड उमरा सर्विसेज के उमर नजीर तिब्बतबाकल ने कहा कि भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय यात्रियों की वापसी के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि फिलहाल यात्रियों के पास दो ऑप्शन हैं. वे या तो नए टिकट खरीदें या फिर सरकार की ओर से वापस लाने की व्यवस्था का इंतजार करें. उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल कश्मीर के यात्रियों तक सीमित नहीं है. उड़ानों में रुकावट के कारण सऊदी अरब में हजारों भारतीय फंसे हुए हैं. जिन यात्रियों के पास नए टिकट खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं, उन्हें सरकार की मदद मिलने तक इंतजार करना पड़ सकता है.
उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से उठाया मामला
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस मामले को केंद्र सरकार के सामने उठाया गया है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि यात्रियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर विदेश मंत्रालय आर्थिक मदद देने या यात्रियों की वापसी की व्यवस्था करने में असमर्थ रहता है, तो जम्मू-कश्मीर सरकार अपने बजट से यात्रियों के लौटने के टिकट का खर्च उठाने पर विचार कर सकती है.
उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से मदद की अपील
सऊदी अरब में फंसे यात्रियों ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से जल्द मदद करने की अपील की है. उन्होंने मांग की है कि दोनों नेता विदेश मंत्रालय, रियाद स्थित भारतीय दूतावास और संबंधित एयरलाइंस के साथ मिलकर उनकी वापसी की व्यवस्था करें. यात्रियों का कहना है कि पैसों की कमी के कारण उन्हें सऊदी अरब में फंसे रहने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए. वे चाहते हैं कि सरकार जल्द कोई व्यवस्था करे, ताकि वे सुरक्षित अपने घर लौट सकें.